कुल्लू अपडेट, मनरेगा एवं सर्व निर्माण कामगार संगठन के द्वारा बीते कई महीनों से प्रदेश में मजदूरों की मांगों को लेकर सरकार के समक्ष ज्ञापन भी प्रस्तुत किए जा रहे हैं। लेकिन अभी तक सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई है। ऐसे में प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि वह मनरेगा व निर्माण कामगारों को दिए जाने वाले सभी वित्तीय लाभों को बहाल करें। हिमाचल प्रदेश मनरेगा एव सर्वनिर्माण कामगार संगठन बंजार ब्लॉक के द्वारा इसी विषय को लेकर एसडीएम हेम चंद वर्मा को ज्ञापन सौंपा गया। बंजार ब्लॉक अध्यक्ष भावना चौहान ने बताया कि हिमाचल प्रदेश भवन निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड से मिलने वाली सुविधाएं भी बीते कई समय से बंद कर दी गई है। ऐसे में कामगारों को शादी विवाह व बच्चों की छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा मनरेगा मजदूरों को श्रमिक कल्याण बोर्ड में शामिल भी नहीं किया जा रहा है। वही अब एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजा गया है। इसमें मांग रखी गई है कि श्रमिक कल्याण बोर्ड में मनरेगा मजदूरों को पंजीकृत किया जाए और उन्हें जो सुविधाएं दी जाती है। वह जल्द से जल्द बहाल की जाए। इसके अलावा मनरेगा एक्ट को पूरी तरह से लागू किया जाए और मनरेगा की दिहाड़ी ₹500 की जाए। वही बेरोजगारों के लिए भी सरकार के द्वारा रोजगार का प्रबंध किया जाना चाहिए। भावना चौहान ने बताया कि मनरेगा कामगारों पर लगाई गई पाबंदी हटाई जाए और मजदूरों की जो ऑनलाइन हाजिरी लगाई जा रही है। उस पर भी प्रतिबंध लगाया जाए। भावना ने कहा कि आने वाले समय में भी हिमाचल प्रदेश मनरेगा एवं सर्व निर्माण कामगार संगठन के द्वारा मजदूरों के हितों को लेकर आवाज उठाई जाएगी।
Author: Kullu Update
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