कुल्लू अपडेट ,बेसरु देवी (80 वर्षीय) लंबी झोड़ की रहने वाली हैं। बेसरु देवी के पति का देहांत 12 वर्ष पूर्व हो चुका है। उनके अपनी कोई भी औलाद नहीं है। उनके 4 बच्चे हुए थे, जिनका पहले ही देहांत हो चुका हैं। एक सौतेला बेटा (प्यारु राम) है, जो इनकी देखभाल करता है। प्यारु राम खड्डी का काम करता था और अपनी मां के साथ रहता है। 3 महीने पहले प्यारु राम घर के आंगन से गिर गया। जिसकी वजह से उसकी रीढ़ की हड्डी में चोट आई थी। उसका इलाज नेरचौक में हुआ और उसके वहां पर शरीर में रोड़ पड़ी है। अभी वह कुछ भी काम नहीं कर पाता और बिस्तर में ही लेटा रहता है। बेसरु देवी पहले सब्जी बेचने का काम करती थी। अब बुढ़ापे के साथ-साथ वह ज्यादा काम नहीं कर पाती और बेटे के बिस्तर में रहने की वजह से उन्हें घर का सारा काम भी करना पड़ता है। बेटे की लाचार हालत को देखकर बेसरु देवी खुद से सारी जिम्मेदारी निभा रही है। कुछ दिनों पहले भारी बारिश और भूस्खलन होने के कारण इनका घर (शेड) टूट गया। जिसमें इनके घर का सारा सामान दब चुका है। बेसरु देवी ने बताया कि उनका तंदूर भी मलबे में दब चुका है, जिस कारण उन्हे खाना बनाने में परेशानी आ रही है। बुजुर्ग महिला इस हालत में लकड़ी लेने जंगल भी नहीं जा सकती। फिलहाल अभी यह और इनका बेटा पुरानी चादरों से अपने लिए शेड बनकर रह रहे हैं। लोगों के बताने पर बेसरु देवी कार सेवा दल संस्था के कार्यालय में पहुंची और संस्था के सेवादारों को अपनी परेशानी के बारे में बताया उनका कहना है कि उनका सारा समान दब चुका है और उनका बेटा भी बीमार है। उन्हें राशन की परेशानी आ रही है और प्रशासन की ओर से अभी राशन की ही मदद मिल पाई है। इसलिए वह बड़ी आशा से संस्था के सेवादारों के पास पहुंची है। संस्था के सेवादारों द्वारा उनकी परेशानी को समझते हुए उन्हें फिलहाल अभी राशन और एक सूट दिया गया है, और आगे की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।




