कुल्लू अपडेट,सवित्रा पत्नी केहर सिंह अखाड़ा बाजार में एक किराए के मकान में रहते हैं। परिवार में 4 सदस्य रहते हैं। केहर सिंह सब्जी मंडी में एक ड्राइवर का काम करता हैं, और सवित्रा प्रसव से पहले लोगों के घर पर साफ सफ़ाई का काम करती है। कुछ दिन पहले सवित्रा के क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में प्रीमेच्योर डलिबरी से बेटा हुआ। नवजात बच्चे को कुछ दिनों के लिए वेंटिलेटर मशीन में रखा गया। चेकअप के दौरान पता लगा कि बच्चे की आंखों में कुछ परेशानी है जिस कारण उसे देखने में दिक्कत आएगी। डॉक्टर ने तुरंत बच्चे को पीजीआई चंडीगढ़ को रेफर दिया। वहां पर बच्चे का एक लेजर ऑपरेशन हुआ, जिसमें परिवार का लगभग खर्चा एक लाख के करीब पहुंच गया है। पैदा होते ही बच्चे को इतनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। माता-पिता के पास इतनी जमा पूंजी नहीं है, कि वह इतना खर्चा उठा सके। क्योंकि डिलीवरी से पहले सुमित्रा देवी लोगों के घर में काम करती थी और पिता का काम भी सीजन में ही रहता है। जो जमा पूंजी थी वह उन्होंने अपने बेटे के इलाज में लगा दी है। अब बेटे का ऑपरेशन 20 अगस्त को होना है, जिसका डॉक्टर द्वारा सामान का खर्च ही 70,000 बताया गया है। सवित्रा देवी बहुत परेशान है, कि ऑपरेशन के लिए पैसे कहां से करें। उनकी रिश्तेदारी भी कुछ खास अमीर नहीं है, जोकि उनकी मदद कर सके। इसलिए वह कार सेवा दल संस्था के कार्यालय में मदद के पहुंची। उन्होंने संस्था के सेवादारों को बताया कि उन्हें बच्चे के इलाज, रहने, खाने पीने और आने-जाने के लिए परेशानी आ रही है। जिसके लिए वह संस्था से मदद चाहती है। संस्था के सेवादारों द्वारा उनकी इस परेशानी को देखते हुए उन्हे बेटे के इलाज के लिए ₹10000 की सहयोग राशि दी गई, और संस्था के अध्यक्ष द्वारा यह भी कहा गया कि आगे भी यदि इलाज में सहयोग की जरूरत पड़ेगी, तो संस्था द्वारा मदद दी जाएगी।




