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यूज़र्स की प्राइवेसी से कर रहे खिलवाड़ मेंटल हेल्थ ऐप्स,संवेदनशील डाटा फेसबुक,स्नैपचैट से कर रहे शेयर 

कुल्लू अपडेट, मेडिटेशन मेंटल हेल्थ के लिए बहुत ही लाभदायक होती है। ऐसे में लोग मेडिटेशन के लिए कई मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करते हैं और थोड़ी देर की मेंटल हेल्थ के चक्कर में यह एक बहुत बड़ा सिरदर्द दे सकते हैं। मोज़िला द्वारा हाल ही में किए गए एक शोध से यह बात सामने आई है कि ऐसे पॉपुलर मेंटल हेल्थ एप्स हैं  जो यूज़र प्राइवेसी को प्रोटेक्ट नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे ऐप मानसिक समस्याओं से जूझने वालों की लोगों की मदद करने में निश्चित रूप से सहायक होते हैं पर क्या यह एप्स सुरक्षित है ? मेंटल हेल्थ में मदद करने के साथ-साथ यह एप्स एक बड़ी मात्रा में उपयोगकर्ता की व्यक्तिगत जानकारी भी इकट्ठा करते हैं।  
            पिछले साल मोज़िला ने कई मेंटल हेल्थ मेडिटेशन और प्रेयर वाले कुल 27 ऐप्स को टेस्ट किया था। इस साल भी शोधकर्ताओं ने लोगों की अनुरोध पर 27 ऐप्स के साथ-साथ इस साल 5 और नए ऐप को भी टेस्ट किया टेस्टिंग के बाद जो नतीजे आए वह यह थे कि कुल 32 में से 22 ऐप यूजर की प्राइवेसी को सुरक्षित ना रखने के लिए वार्निंग टैग मिल गया था। इस बार फिर से जब इन एप्स की दोबारा से टेस्टिंग की गई तो 27 में से 17 ऐप अब भी प्राइवेसी और सिक्योरिटी के मामले में लापरवाही कर रहे हैं। यूजर का डाटा प्राइवेट रखने का वादा करने वाले ये ऐप इस बात का सख्ती से पालन नहीं कर रहे हैं। यह यूज़र्स की संवेदनशील जानकारी को स्नैपचैट और फेसबुक के साथ शेयर करते हैं। इसी कारण से मार्च में फेडरल ट्रेड कमिशन में कंपनी 7.8 मिलियन डॉलर का जुर्माना भरने के लिए सहमत हो गई थी। 
            कुछ ऐप्‍स पर तो केवल एक अक्षर या अंक का भी पासवर्ड बनाया जा सकता है। यूजर्स डेटा को चुराकर ये ऐप्‍स डेटा ब्रोकर्स को बेच भी रहे हैं। रिसर्चर्स ने यही भी पाया है कि ये ऐप्‍स न केवल यूजर्स के डेटा को चुरा रहे हैं, बल्कि ये थर्ड पार्टी प्‍लेटफॉर्म से भी यूजर्स से संबंधित एडिशनल डेटा ले रहे हैं. इन ऐप्‍स को बनाने वाली कंपनियां इसके जरिए करोड़ों रुपये कमा रही हैं. वहीं डेटा ब्रोकर भी इन ऐप्‍स की मदद से अपने डेटाबेस को लोगों की अत्‍यंत संवेदनशील जानकारियों से भर रहे हैं। बेटर हेल्‍प (Better Help), यूपर (Youper), वूइबोट (Woebot), बेटर स्‍टॉप सुसाइड (Better Stop Suicide), प्रे डॉट कॉम (Pray.com) और टॉकस्‍पेस (Talkspace), Headspace और Calm वो ऐप हैं, जिनमें यूजर्स की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा से जुड़ी सबसे ज्‍यादा खामियां मिली हैं। 

Kullu Update
Author: Kullu Update

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