आस्था अपडेट, Shri Krishna Janmashtami 2023: कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार आज यानी 07 सितंबर को भी मनाया जा रहा है। हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस साल कृष्ण जन्माष्टमी 6 सितंबर और 7 सितंबर दो दिन है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि कंस के बढ़ रहे अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने जन्माष्टमी के दिन कृष्ण के रूप में आठवां अवतार लिया था। श्री कृष्ण ने अपने जीवन में सभी रिश्तों को बड़ी ईमानदारी से निभाया है। आइए जानते हैं भगवान श्री कृष्ण के जीवन की ऐसी खास बातें जिसे हर व्यक्ति को जरूर सीखना चाहिए…
संघर्ष ही जीवन है:-शुरुआत से ही कान्हा का जीवन संघर्षों से भरा रहा। उनके मामा कंस ने उन्हें मारने के लिए कई षड्यंत्र किए, लेकिन कृष्ण कभी भी इन बाधाओं से विचलित नहीं हुए। वे पूरे धैर्य के साथ इन संघर्षों का सामना करते रहे। ऐसे ही हर व्यक्ति को जीवन में आने वाली कठिनाईयों का सामना बिना हिम्मत हारे करते रहना चाहिए। फल की चिंता किए बिना अपने कर्तव्य करते रहना चाहिए। अंत में जीत आपकी ही होगी।
सच्ची दोस्ती :- कृष्ण और सुदामा की दोस्ती के किस्से हर किसे को पता होंगे। भगवान कृष्ण ने अपने हर रिश्ते को ऊंच-नीच, अमीरी-गरीबी, छोटे-बड़े की पाबंदियों से हमेशा दूर रखा है। उनकी दोस्ती को देखकर हर व्यक्ति को अपने रिश्ते की कद्र करना सिखना चाहिए।
सच्चा प्यार:- वृंदावन में राधा के साथ कई ऐसी गोपियां थीं जो श्री कृष्ण से बेहद प्यार करती थीं। कन्हा उन सभी गोपियों का सम्मान करते थे, लेकिन राधा के प्रति उनका प्यार उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। आज के प्रेमियों को श्री कृष्ण के प्यार और प्रेमिकाओं के प्रति सम्मान से बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
माता-पिता :- श्री कृष्ण भले ही देवकी और वासुदेव के पुत्र कहलाते हैं, लेकिन उनका पालन-पोषण यशोदा और नंद ने किया था। इसके बावजूद भगवान कृष्ण ने अपनी दोनों मांओं देवकी और यशोदा को अपने जीवन में बराबर का स्थान दिया। दोनों के प्रति अपने कर्तव्यों को बखूबी निभाया। अपने इस स्वभाव से कृष्ण ने दुनिया को सिखाया कि हमारे जीवन में मां-बाप का स्थान सबसे ऊंचा होना चाहिए।




