कुल्लू अपडेट,आनी – खण्ड आनी के सुप्रसिद्ध एंव ऐतिहासिक देवता भगवान वेदव्यास कुंईरी महादेव अपने तीन गढ सात हार के दौरे पर है बुधवार को व्यास ऋषि कुंईरी सिसरी मेले के अंतिम दिन लाव लश्कर सहित हजारों देवलों संग अपने मूल स्थान जलोडी गढ के शाठकी कैंद हार झरौणवी स्थित कैंद गांव पहुंचे । जंहा पर जगह जगह कूर भरकर धाम के साथ नाटियों का भव्य आयोजन किया गया । क्षेत्र के निवासी आशीष शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि झरौणु स्तिथ मिथनु सौह में प्राचीन परंपरा को कायम रखते हुए 12 साल बाद दो दिवसीय मिथनु मेला धूमधाम से मनाया गया । मेले में भगवान वेदव्यास कुंईरी महादेव , महाकालेश्वर कोट भझारी समेत देवता चोतरू नाग जी शोधा ने शिरकत की। इस दौरान सभी देवों ने एक दूसरे को गले लगाकर मेल-जोल का भव्य नज़ारा प्रस्तुत किया। घने जंगलों के बीच प्राकृतिक छटा बिखेरता झरौणू स्तिथ मिथनु सौह स्थान सभी को अपनी ओर आकर्षित करता है । क्षेत्र के सैंकड़ों लोग ने मेले का लुत्फ़ उठाया । क्षेत्रवासियों ने कुल्लवी चोला कल्लगी व महिलाओं ने रंग-बिरंगी पटू में सजकर दोपहर बाद, एक सामूहिक विशाल नाटी का आयोजन किया गया । नाटी ने बेटी बचाओ, महिला सशक्तिकरण समेत आपसी भाईचारे का संदेश दिया । शाम के समय देव विदाई के समय सभी श्रदालु देव विदाई के इस पल पर भाव-विभोर हो उठे। इस दौरान सभी देवलू देवताओं संग खूब झूमे । उन्होंने नम आंखों से सभी देवताओं को विदाई दी और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की ।
इस अवसर पर कारदार इन्द्र सिंह, भागेराम राणा, चमन कटोच, मंगतराम, गूर ओम प्रकाश, बिंटू, अभिनाश, पुजारी जिया लाल, लगन दास, महेन्द्र कुमार, सचिव ठाकुर दास वर्मा, चमन वशिष्ट, रमन वशिष्ट, रिंकू राणा, दिक्षीत शर्मा आदि मौजूद रहे ।




