आस्था अपडेट , हनुमानजी को भगवान शिव के 11वें अवतार माना जाता है। रामभक्त हनुमानजी के जन्म को लेकर दो तरह की धार्मिक मान्यताएं हैं। एक मान्यता के अनुसार हनुमानजी का जन्म चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को हुआ था, वहीं इसके अलावा कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भी हनुमान जयंती मनाई जाती है
हनुमान जी का वार कौन सा होता है :- पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार के ही दिन बजरंगबली का जन्म हुआ था। इसी वजह से उनकी पूजा के लिए यह दिन समर्पित होता है। यही कारण है कि मंगलवार के दिन हनुमान जी का व्रत किया जाता है। इस दिन व्रत करने से जीवन के सभी प्रकार के कष्ट और संकट दूर होते हैं।
हनुमान जी का प्रिय भोजन कौन सा है :- महाबली हनुमान को बूंदी बहुत प्रिय है। ऐसे में मंगलवार के दिन हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाना चाहिए। इससे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
हनुमान चालीसा का महत्व :- मान्यता है कि हनुमान चालीसा के पाठ से कई तरह की तकलीफों का नाश हो जाता है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि के साथ आरोग्य का वास होता है। हनुमान चालीसा एक बेहद सहज और सरल बजरंगबली की आराधना में की गई एक काव्यात्मक 40 छंदों वाली रचना है। हनुमान चालीसा के पाठ का विशेष महत्व बतलाया गया है
हनुमान जी हमें क्या सिखाते है :- विनम्रता और सेवा : हनुमान की दूसरों की सेवा करने और विनम्र बने रहने की इच्छा। हनुमान ने बड़ी विनम्रता और निस्वार्थ भाव से भगवान राम की सेवा की। अपनी महान शक्तियों के बावजूद, वह बिना किसी अभिमान की भावना के जरूरतमंदों और वंचितों की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहते थे।
हनुमान जी के जीवन से हमें क्या प्रेरणा मिलती है :- हनुमानजी का वज्र समान शरीर हमें संदेश देता है कि हमारा शरीर भी स्वस्थ और ताकतवर होना चाहिए। उनकी तेज चाल हमें तेज चलने की प्रेरणा देती है। हनुमानजी का बुद्धिमान स्वरूप हमें ज्ञान और बुद्धि बढ़ाने का संकेत देता है। हनुमानजी श्रीराम की सेवा में तत्पर रहते हैं




