टेक अपडेट, कुछ साल पहले एक रिपोर्ट आई थी जिसमें दावा किया गया था कि स्मार्टफोन की डिस्प्ले खराब होने पर खुद ही रिपेयर हो सकती है। अब लगता है कि यह सपना पूर होने वाला है। सीसीएस इनसाइट के विश्लेषकों का कहना है कि अगले पांच वर्षों में ऐसे डिस्प्ले वाले स्मार्टफोन मार्केट में आ जाएंगे जिनकी डिस्प्ले खुद ही रिपेयर हो जाएंगी। रिपोर्ट के मुताबिक कई बड़े फोन ब्रांड सेल्फ-हीलिंग डिस्प्ले वाले फोन पर काम कर रहे हैं। ऐसे फोन की डिस्प्ले पर एक नैनो कोटिंग होगी जो कि खरोंच आने पर हवा और नमी के साथ रिएक्शन करके नए मैटेरियल को तैयार कर करेगी जो स्क्रीन पर आए छोटे स्क्रैच को भरने में सक्षम होंगे।सीएनबीसी की एक रिपोर्ट में सीसीएस के मुख्य विश्लेषक बेन वुड ने कहा है कि सेल्फ-हीलिंग डिस्प्ले तकनीक सिर्फ कल्पना में नहीं है। इसे संभव किया जा सकता है, हालांकि इसे लेकर यूजर्स का भरोसा जीतना होगा। सेल्फ हीलिंग स्मार्टफोन टेक्नोलॉजी कोई नई टेक्नोलॉजी नहीं है। 2013 में एलजी ने अपने जी फ्लेक्स को पेश किया था जो कि रोलेबल डिस्प्ले वाला फोन है। इस फोन की डिस्प्ले को लेकर एलजी ने कहा था कि स्क्रैच आने पर यह खुद ही रिपेयर हो सकती है। वुड के अनुसार इस डिस्प्ले तकनीक में इन 8 वर्षों में काफी विकास हुआ है और अगले 5 वर्षों में यह संभव होगा, हालांकि यह टेक्नोलॉजी किसी ऐसी स्क्रीन को ठीक नहीं कर पाएगी जो पूरी तरह से टूटी हो। Motorola और Apple जैसी कंपनियों के सेल्फी हीलिंग डिस्प्ले वाले पेटेंट भी सामने आए हैं।




