टेक अपडेट , सरकार के सोशल मीडिया प्लेटफार्म को दिए गए भारत में बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री हटाने के आदेश पर यूट्यूब की प्रतिक्रिया आ गई है। यूट्यूब ने सोमवार को कहा कि कई जांच के बावजूद उसे अपने प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री का पता नहीं चला और उसे नियामकों से वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री का सबूत भी नहीं मिला है।
यूट्यूब ने दिया यह जवाब
यूट्यूब के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि यूट्यूब पर बाल शोषण से सफलतापूर्वक लड़ने का हमारा एक लंबा इतिहास है। कई गहन जांच के आधार पर हमें अपने प्लेटफॉर्म पर इस तरह का कोई भी कंटेंट का पता नहीं चला है। न ही हमें नियामकों से यूट्यूब पर बाल यौन शोषण कंटेंट के उदाहरण या सबूत प्राप्त हुए हैं। बता दें कि सरकार ने इस महीने की शुरुआत में यूट्यूब, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और टेलीग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म को नोटिस जारी कर भारत में अपने प्लेटफॉर्म से बाल यौन शोषण सामग्री को हटाने के लिए कहा था। गूगल के स्वामित्व वाले वीडियो प्लेटफार्म ने आगे कहा कि यूट्यूब पर नाबालिगों को खतरे में डालने वाली किसी भी प्रकार की सामग्री की अनुमति नहीं है, और हम उन टीमों और टेक्नोलॉजी में भारी निवेश कर रहे हैं जो इस सामग्री का पता लगाएंगे, हटाएंगे और इसके प्रसार को रोकेंगे। कंपनी ने कहा कि बाल यौन शोष
ण कंटेंट और इससे संबंधित कंटेंट के लिए उसकी “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी” है। किसी भी प्रकार का कंटेंट जो नाबालिगों को खतरे में डाल सकती है, मंच पर अस्वीकार्य है।




