कुल्लू अपडेट , मेला मैदान से दशहरा में बंजार घाटी के देवी-देवताओं के अस्थायी शिविर हटाए जाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। बुधवार को प्रकरण को लेकर नाराज देवलुओं ने जिला पुस्तकालय और उपायुक्त कार्यालय के बाहर हंगामा कर दिया। इतना ही नहीं नाराज देवलुओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। देवलुओं ने डीसी कुल्लू के मुर्दाबाद तक के नारे भी लगाए। मामले को लेकर बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी और तहसीलदार कुल्लू के बीच खूब गहमागहमी हुई। उन्होंने तहसीलदार के खिलाफ विधानसभा में विशेष अधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की बात कही। वहीं देवलुओं की नाराजगी को देखते पुलिस को मौके पर आना पड़ा। काफी देर तक माहौल तनातनी वाला बना रहा। इस पर बंजार के विधायक के ने कहा पूरे जिले के 22 देवी देवता अपने कंधो पर उठाकर यहा लाये गए और प्रशासन ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए ओर पुलिस प्रशासन की मदद से इनके टेंट उखाड़ दिए और देवते को उठाने की बात की। उन्होने देव संस्कृति को अपमानित किया है प्रशासन ने दशहरा की इतनी मीटिंग की परन्तु उन्होने इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश नहीं की जबकि पिछली बार प्रशासन द्वारा इन देवताओं को टेंट और तरपाले दी है जोकि पिछले 4 साल से दी जा रही है। उन्होने आगे कहा की जिस स्थान पर देवी देवता बैठते वहां पर किसी का कोई विवाद भी नहीं है तो उनको क्यों उठाया जा रहा है क्यों उनको वापिस भेजा जा रहा है जब देवता मना कर रहे है जाने के लिए और एक तरफ कह रहे है की हम बहुत अच्छा दशहरा मना रहे है और दूसरी तरफ देवतों के हारियानों के आंसू गिरा रहे है। इनके पैरों में छाले पड़े हुए है लेकिन आज यहाँ देव संस्कृति को अपमानित किया गया। हैरानी की बात यह है की प्रशासन चमड़े के जूते के साथ देवताओं के टेंटों के अंदर गया और उनके टेंट उखाड़ दिए गए। मैंने तहसीलदार से बात किए उन्होने कहा की ये सरकार के आदेश है आप इस में कुछ नहीं कर सकते है मैंने उनको कहा की हम यहां डीसी ऑफिस के पास है यहां आइये और वो आर्डर दिखाईये इस पर उन्होने फ़ोन काट दिया उन्होंने तहसीलदार के खिलाफ विधानसभा में विशेष अधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की बात कही है उन्होने कहा की देवताओं का सम्मान होना चाहिए। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि देवलुओं ने अपनी समस्या बताई है। जल्द ही इसका समाधान किया जाएगा।




