कुल्लू अपडेट , संयुक्त किसान मोर्चा के आहवाहन पर किसान सभा ने जिला कुल्लू में ग्रामीण इकाई स्तर पर न्यूज़क्लिक के पत्रकारों को गिरफतार करने के विरोध में झूठी एफ. आई. आर की प्रतिलिपियां जलाई। हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव होतम सौखला ने कहा कि 3 अक्तूबर को न्यूज पोर्टल न्यूज़क्लिक के संपादक और इस में जूड़े 46 से ज्यादा पत्रकारों के घरों व ऑफिसों में ईडी के छापे मारे और उनके लैपटॉप, मोबाईल आदि छीन कर जब्त कर लिए और न्यूज़क्लिक के संस्थापक संपादक प्रबीर पुरकायस्थ तथा पोर्टल के मानव संसाधन विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती को अवैध गतिविधि निवारण कानून (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफतार कर लिया। न्यूज़क्लिक के खिलाफ की गयी कार्यवाही समूचे स्वतंत्र मीडिया पर हमला है। दिल्ली पुलिस द्वारा पूछा गया कि क्या आपने सीएए-विरोधी आन्दोलन को उतर पूर्वी दिल्ली की सांप्रदायिक हिंसा को और 2020-21 के किसान आंदोलन को कवर किया था। किसी आन्दोलन को कवर करना दिल्ली पुलिस ने पत्रकारिता को जुर्म बना दिया है। हकीकत यह है एक बर्ष से ज्यादा चला किसान आन्दोलन के सामने मोदी की सरकार को घुटने टेकते हुए तीन काले कृषि कानून वापिस लेने पड़े थे। यह हमला मात्र पत्रकारों पर ही नही यह किसान आन्दोलन पर भी है क्योंकि दोबारा कोई पत्रकार किसान आन्दोलन को कवर नही करेगा। मोदी सरकार के इशारे पर दिल्ली पुलिस में आरोपो की झड़ी लगा दी सभी आरोप एफआईआर में झूठे है। इस लिए आज पूरे देश में किसान झूठी एफआईआर की प्रतिलिपि जला रहे हैं। पूरे प्रदेश में भी ग्रामीण स्तर पर कॉपियां जलाई जा रही है। न्यूज़क्लिक पर हमला प्रैस की स्वतंत्रता पर बेशर्म हमला है। यह जनतंत्र तथा नागरिकों के अधिकारों पर बढ़ते तानाशाहीपूर्ण हमलों का हिस्सा है। किसान सभा के जिला अध्यक्ष गोविन्द भण्डारी ने कहा कि जिला में भी कई जगह झूठी एफआईआर की कॉपी जलाई गई। मोदी सरकार से मांग की है कि न्यूज़क्लिक के गिरफतार पत्रकारों को तुरन्त रिहा करो और स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारों पर हमले बन्द करो। जनता की आवाज़ को दबाने का काम मोदी सरकार का तानाशाहपूर्ण रवैया को दिखाता है।




