कुल्लू अपडेट।ग्राम पंचायत जिया में पार्वती नदी के ऊपर वर्षों पहले एक पुल का निर्माण किया गया था । इस पुल के बनने से जिया गांव के लोगों को भुंतर शहर , सब्जी मंडी भुंतर जिला मुख्यालय जाने को सुविधा प्रदान हुई। जिया के ग्रामीणों को आने जाने का एक मात्र सहारा था । यह बात जिया पंचायत के प्रधान संजीव पंडित ने प्रेस को जनकारी देते हुए कही। उन्होनें प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इसके बाद जिया में नेशनल हाइवे बना और बाद में फोरलेन फ्लाईओवर का निर्माण भी हुआ । परंतु गांव बालो, स्कूली बच्चों को भुंतर जाने के लिए छोटे पुल वाला रास्ता नजदीक पड़ता है। दो पहिया वाहन व पैदल चलने वाले सभी लोग इसी रास्ते से भुंतर जाते थे । इसके अलावा ऐतिहासिक व्यास पार्वती संगम की ओर स्नान करने बाले देवता व श्रद्धालू भी यही से जाते हैं । क्योंकि कोई भी देवता फ्लाईओवर के नीचे से नही गुजरता है । जिया के इस छोटे पुल की उपयोगिता आज भी उतनी ही बरकरार है जितनी पहले थी। पुल ने आज तक कई बार बाढ़ का प्रकोप सहा है, लेकिन इस साल की बाढ़ से पुल टूटकर एक साइड आकर लटक गया । संजीव कुमार ने कहा कि हमने कई बार इस क्षतिग्रस्त पुल को ठीक करने की मांग उठाई । परंतु किसी ने भी हमारी मांग को नही सुना गया । समाचार पत्र के माध्यम से पता चला कि भुंतर सुधार समिति ने भी जिला प्रशासन से इस पुल को बनाने और गांव को बचाने के लिए सुरक्षा दीवार की मांग भी रखी है । प्रधान संजीव कुमार ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के लोग अब इस पुल को डिस्मेंटल करने जिया आ गए हैं । मैने अधिशाषी अभियंता यांत्रिक मंडल कुल्लू जीएल ठाकुर से जब इस बारे बात की तो उन्होंने बताया हमे पीछे से आदेश आये हैं । संजीव ने कहा कि हम सरकार से इतना पूछना चाहते हैं कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त कई पुल कुल्लू जिला में सरकार व प्रशासन ने ठीक करवाय तो जिया गांव के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है । जबकि सबको पता है कि जिया गांव को में भी बहुत नुकसान हुआ है, बाढ़ से नदी किनारे खोखले हो गए। पार्वती नदीमें टापु बनने से जिया गांव डेंजर जोन में आ गया। पुल क्षति ग्रस्त हो गया जबकि पैदल चलने वाली जनता इस पुल से गुजरती है। वहीं सभी देवी- देवता व श्रद्धालुओं इसी पुल से होकर संगम को स्नान करने जाते हैं । बाढ़ के दौरान लोकनिर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी जिया का दौरा किया यहां की सारी स्थिति देखी । पुल का जायजा भी लिया था । इसके अलावा पंचायत का प्रतिनिधिमंडल 27 अक्टूबर को उनसे कुल्लु जाकर मिला था । लेकिन इसके बाद भी जिया की जनता के साथ जानबूझकर अन्याय किया जा रहा है । उन्होनें कहा वर्तमान कुल्लू विस के विधायक आजतक एक बार जिया नहीं आए। जबकि जिया गांव का बहुत नुकसान हुआ है और जनता बहुत दुखी है । बाढ़ के कारण गांव इस समय डेंजर जोन में आ गया हैं। बड़े दुःख की बात है स्थानीय विधायक उसे देखने तक यहां नही आये । जिया के प्रधान संजीव कुमार ने पुनः सरकार से निवेदन किया है कि इस पुल की फिर से यहां स्टापित किया जाए । अगर इसकी स्थिति ठीक नहीं है तो यह कहीं ओर छोटी जगह स्थापित हो जायेगा। इस स्थान पर ग्रामीणों व संगम को जाने वाले देवी देवताओं तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छोटा बैली ब्रिज लगा दिया जाए। जिया में जहां भी बाढ़ का खतरा खतरा है वहां कंक्रीट की दीवार लगाई जाए। ऐतिहासिक जिया संगम में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी व पुर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अस्तिया विसर्जित की गई । इस लिए यह पुल अति महत्वपूर्ण है यहां पर शीघ्र ही पुल का निर्माण किया जाए।




