आस्था अपडेट , कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को तुलसी विवाह किया जाता है। इस दिन तुलसी के साथ भगवान विष्णु के विग्रह स्वरूप शालिग्राम जी का विवाह पूरे विधि-विधान से किया जाता है। साथ ही इसी दिन भगवान विष्णु चार माह की योग निद्रा के बाद जाग्रत होते हैं। इसलिए इस दिन को देवउठनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन तुलसी के पौधे को घर के आंगन में रखकर गन्ने से विधिवत मंडप बनाकर पूजा की जाती है। ऐसे में तुलसी विवाह के लिए पूजा सामग्री में कुछ चीजें जरूर शामिल करना चाहिए। आइए जानते हैं तुलसी विवाह के लिए संपूर्ण पूजन सामग्री के बारे में
तुलसी विवाह के लिए पूजन सामग्री
तुलसी का पौधा
भगवान विष्णु की प्रतिमा
चौकी
गन्ना
मूली
आंवला
बेर
शकरकंद
सिंघाड़ा
सीताफल
अमरूद सहित अन्य मौसमी फल
धूप
दीपक
वस्त्र
फूल और माला
सुहाग का सामान
सुहाग का प्रतीक
लाल चुनरी
साड़ी
हल्दी
तुलसी विवाह की पूजा विधि
तुलसी विवाह वाले दिन लकड़ी की एक साफ चौकी पर आसन बिछाएं। फिर चौकी के ऊपर तुलसी जी को स्थापित करें।
दूसरी चौकी पर भी आसन बिछाएं और उस पर शालिग्राम को स्थापित करें।
दोनों चौकियों के ऊपर गन्ने से मंडप सजाएं।
अब एक कलश में जल भरकर रखें और उसमें पांच या फिर सात आम के पत्ते लगाकर पूजा स्थल पर स्थापित करें।
शालिग्राम और तुलसी जी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और रोली या कुमकुम से तिलक करें।
तुलसी पर लाल रंग की चुनरी चढ़ाएं, चूड़ी,बिंदी आदि चीजों से तुलसी का श्रृंगार करें।
तत्पश्चात सावधानी से चौकी समेत शालीग्राम को हाथों में लेकर तुलसी का सात परिक्रमा करें।
पूजा संपन्न होने के बाद तुलसी व शालिग्राम की आरती करें और उनसे सुख सौभाग्य की कामना करें।




