कुल्लू अपडेट, जिया पंचायत के प्रधान सजीव पंडित ने सुन्दर सिंह ठाकुर को राजीव संगम स्थल के मुद्दे पर घेरा और उन्होंने कहा कि जिया संगम में कुल्लू जिला के सभी देवी-देवता शाही स्नान करते हैं और हजारों की संख्या में लोग भी वहां पर स्नान करते हैं। संगम स्थल जिया गांव में ही है। यह हमारे देवी देवताओं से जुड़ा हुआ पवित्र स्थल है। यह जो राजीव घाट भुंतर में बना रहे हैं उसमें संगम स्थल का जो नाम जोड़ रहे हैं, उसका हम विरोध करते हैं संगम स्थल जिया में ही है और यह बात सब जानते हैं। हमारे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी, उनकी अस्थियां भी जिया में ही बहाई गई थी और जब उनकी अस्थियां में बाहर गई थी तो उस समय यह घोषणा की गई थी कि यहां राजघाट बनाया जाएगा। उसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जी, उनकी अस्थियाँ भी जिया गांव में ही विसर्जित की गई थी क्योंकि जिया बहुत सही धार्मिक स्थल माना जाता है। करोना काल में जब रास्ते बंद हो गए थे तो कुल्लू के असंख्य लोगों ने जिया गांव में ही अस्थियां बहाई थी। तो यह एक धार्मिक स्थल है और हम नहीं चाहते कि हमारे धार्मिक स्थल से कोई छेड़छाड़ छेड़छाड़ की जाए राजीव घाट जिओ में बनाए तो हम स्वागत करते हैं चाहे आप भुंतर में बनाए लेकिन संगम स्थल के साथ उसका नाम जोड़ रहे हैं हम उसका विरोध करते हैं।
उन्होंने कहा कि संगम स्थल जिया गांव की पहचान है। पूरे प्रदेश में जिया गांव को संगम स्थल के नाम से जाना जाता है। ऐसे ही पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री की अस्थियां जिया गांव में विसर्जित नहीं की गई है। कोई स्थान है जिया कोई नाम है कोई महत्ता है इस स्थान की। संगम स्थल हमारी पहचान है आप हमसे हमारी पहचान छीनने की कोशिश कर रहे हैं। इसका इसका हम विरोध करते हैं। आप घाट जहां मर्जी वहां बनाइए पर अगर आप हमारे धार्मिक भावनाओं से खेलेंगे तो यह हमें बर्दाश्त नहीं है संगम स्थल जिया में है और जिया में ही रहेगा।
Author: Kullu Update
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