आस्था अपडेट ,हिंदू धर्म में हर माह किसी देवी देवता को समर्पित होता है। हर माह का विशेष महत्व होता है। हालांकि, कुछ महीने ऐसे होते हैं जिन्हे धार्मिक ग्रंथों में विशेष महत्व दिया गया है। इनमें ‘मार्गशीर्ष माह’ का नाम शामिल है। इसे अगहन भी कहा जाता हैं। माना जाता है कि ये माह भगवान श्रीकृष्ण को अधिक प्रिय है। इसलिए इस दौरान तामसिक भोजन न करने की सलाह दी जाती है। इस बार मार्गशीर्ष माह की शुरुआत 28 नवंबर 2023 से चुकी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मार्गशीर्ष महीने में भगवान कृष्ण की विधिनुसार पूजा करने से जीवन में खुशियां बनी रहती है। साथ ही इस माह को भगवान कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। हालांकि, इस माह की कुछ तिथियां ऐसी भी होती हैं जिनमें कोई भी शुभ कार्य करना बहुत अशुभ होता है और व्यक्ति को धन की कमी भी झेलनी पड़ सकती है। इसी कड़ी में आइए जानते हैं कि मार्गशीर्ष माह की किन तिथियां पर शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
ये तिथियां मानी गई हैं अशुभ
मार्गशीर्ष महीने की सप्तमी और अष्टमी तिथि को इस महीने की शून्य तिथियां माना जाता है। इन्हें मासशून्य तिथियां भी कहते हैं। इन तिथि पर कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए। इस दौरान परिवार में मंगल कार्य करने से वंश तथा धन का नाश हो सकता है।
मार्गशीर्ष माह में क्या करें
भगवान विष्णु की पूजा करें। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
इस दौरान श्रीमद्भागवत गीता का पाठ जरूर करें और भगवान कृष्ण के मंत्रों का भी जाप करें।
मार्गशीर्ष महीने में रोजाना गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करें। हालांकि, घर पर भी गंगाजल मिले पानी से स्नान कर सकते है।
इस दौरान दान का अधिक महत्व है। इसलिए मार्गशीर्ष महीने में दान जरूर करें।
मार्गशीर्ष माह में क्या न करें
मार्गशीर्ष महीने में भूलकर भी मांसाहारी भोजन का सेवन न करें।
इस दौरान घर में जीरे के सेवन से परहेज रखें।
मार्गशीर्ष महीना बेहद पवित्र होता है। इसलिए इस दौरान किसी को भी कड़वे वचन न बोलें।




