लाइफस्टाइल, एसिड रिफ्लक्स, पाचन से संबंधित रोग है जिसमें पेट का एसिड या पित्त भोजन नली में वापस आने लगता है। आहार में गड़बड़ी के कारण इस तरह की समस्या होना सामान्य है पर अगर आपको अक्सर ये दिक्कत बनी रहती है तो इसपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना जरूरी हो जाता है। ये गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी) का भी कारण बन सकती है। एसिड रिफ्लक्स की समस्या से बचाव के लिए जरूरी है कि आप स्वस्थ आहार का सेवन करें। भोजन में सुधार करके पाचन से संबंधित इस समस्या के जोखिम कम किया जा सकता है। इसके अलावा दिनचर्या में कुछ और बदलाव करना आपको इस समस्या में मदद कर सकती है।
एसिड रिफ्लक्स से कैसे बचें :- चूंकि एसिड रिफ्लक्स आमतौर पर भोजन में गड़बड़ी के कारण होता है, इसलिए ओवरईटिंग से बचाव करके एसिड रिफ्लक्स के खतरे को कम किया जा सकता है। अगर आपको अक्सर एसिड रिफ्ल्कस की दिक्कत रहती है तो ज़्यादा खाने से बचना चाहिए। शोध से पता चला है कि अधिकांश लक्षण भोजन के बाद होते हैं, ऐसे में आप जितना अधिक भोजन करेंगे, लक्षण उतने ही बदतर होंगे। एसिड रिफ्लक्स से बचाव के लिए आहार में फाइबर वाली चीजों को शामिल करना सबसे बेहतरीन तरीका माना जाता है।
आहार में फाइबर की बढ़ाएं मात्रा :- पाचन स्वास्थ्य को ठीक रखने और एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याओं के जोखिमों को कम करने के लिए हाई फाइबर वाली चीजों जैसे फलियां- दाल और सलाद का सेवन करना लाभकारी है। ब्रोकली, जामुन, एवोकैडो, साबुत अनाज, सेब और सूखे मेवे का सेवन करना लाभकारी हो सकता है। फाइबर पाचन ठीक रखने के साथ ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी लाभकारी है।

शराब से बनाएं दूरी :- अध्ययनों में पाया गया है कि शराब का सेवन पेट में एसिड बढ़ाने का कारक हो सकता है। इसलिए शराब से दूरी बनाना बहुत जरूरी है। शराब के सेवन को कम करके क्रोनिक बीमारियों, ब्लड शुगर और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के खतरे को भी कम किया जा सकता है।

अम्लीय खाद्य-पेय पदार्थों से बचें :- अम्लीय खाद्य-पेय पदार्थों के कारण पाचन स्वास्थ्य पर गंभीर असर हो सकता है। अम्लीय खाद्य पदार्थ जो हार्टबर्न की समस्या को भी बदतर बना सकते हैं। खट्टे फलों के जूस, टमाटर के सॉस, तला हुआ भोजन, चॉकलेट, कॉफी, कार्बोनेटेड कोल्ड ड्रिंक्स जैसी चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए। ये एसिड के जोखिमों को बढ़ाने वाली समस्या हो सकती है।




