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मौहल में हुआ युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन,पीएम मोदी के पंच प्रण पर युवाओ संग हुई चर्चा 

 

कुल्लू अपडेट, नेहरू युवा केंद्र कुल्लू युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से कारसेवा संस्था द्वारा 17 मई को डीएवी स्कूल मौहल में युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के के पंच प्रण को लेकर युवाओ से परिचर्चा भी हुई।पीएम मोदी के पहला प्रण – विकसित भारत का लक्ष्य, दूसरा प्रण – गुलामी के हर अंश से मुक्ति, तीसरा प्रण – अपनी विरासत पर गर्व करना, चौथा प्रण – एकता और एकजुटता और पांचवां प्रण – नागरिकों में कर्तव्य की भावना का होना है।इस कार्यक्रम में बतौर मुख्यतिथि कारगिल वॉर हीरो ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर शिरकत की और नेहरू युवा केंद्र कुल्लू की जिला युवा अधिकारी सोनिका चंद्रा,डीएवी स्कूल मौहल की प्रधानाचार्या अंशु सूद भी विशेष तौर पर मौजूद रही।इसमें युवाओ को पीएम मोदी के पंच प्रण की जानकारी देने के लिए बतौर स्त्रोत व्यक्ति डॉ० रत्नेश त्रिपाठी,शैलजा राईना,चाँद रानी शर्मा और मनदीप सिंह मौजूद रहे। वही पंच प्रण को पूरा करने के लिए शपथ भी ली गयी। वही मंच संचालन की भूमिका नेहरू युवा केंद्र कुल्लू की स्वयंसेवी हर्षना ने किया।मुख्यतिथि द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। प्रोफेसर डॉ रत्नेश त्रिपाठी ने छात्रों को पीएम मोदी के पंच प्रण के पहले प्रण विकसित भारत के लक्ष्य के बारे में बताया कि 1950 से अभी तक अलग अलग सरकारों ने विकास के नए नए आयाम स्थापित किये उसी क्रम में क्योंकि भारत युवा देश है जिसमे 18 साल से कम आयु के लोग लगभग 45 करोड़ है जिनके कंधो पर भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हैं.एसडीजी के 17 लक्ष्य निर्धारित है उसको अगर भारत हासिल कर लेता है तो भारत को विकसित होने से कोई नहीं रोक सकता।मानव विकास सूचकांक के अलग अलग बिंदु को लक्ष्य बनाकर पूरा करना जिसमे प्रमुख रूप से शिक्षा,स्वास्थ्य,सेवा सफाई,मातृ मृत्यु दर को एक निश्चित बिंदु पर रोकना। वही शैलजा राईना ने छात्रों को पीएम मोदी के पंच प्रण के दूसरे प्रण गुलामी के हर अंश से मुक्ति के बारे में बताया और कहा कि हमें अपना स्वार्थ छोड़ देना चाहिए और अच्छा कार्य करना चाहिए जिससे हम गलत बातों की गुलामी का शिकार नहीं होंगें और साथ ही तीसरे प्रण अपनी विरासत पर गर्व करना के बारे में बताया।उन्होंने कहा कि विरासत वह है जो हमें पूर्वजों ने जिसे कई वर्षो से हमारे लिए संजोकर कर रखा है वह विरासत है।हमें विरासत में बहुत कुछ मिला है उसे हमें संजोकर रखना है वह तभी हो सकता है जब हम अपने कर्तव्य और अधिकारों को समझेंगें।वही मनदीप सिंह ने पीएम मोदी के चौथे प्रण एकता और एकजुटता  के बारे में बताया।उन्होंने कहा कि हमें समूह बनाकर अपने विचारों का आदान प्रदान करना चाहिए और समूह में बैठकर हमें एक दूसरे के व्यवहारों और सामजिक जिम्मेदारियो का पता लगता है और इससे हम विभिन्न प्रकार के विवादों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से कर सकते हैं।हमें सामजिक कार्यों में अपना योगदान देना चाहिए। वही चाँद रानी शर्मा ने पीएम मोदी के पांचवे प्रण नागरिकों में कर्तव्य की भावना का होना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले नागरिकों का स्वतंत्रता जन्मसिद्ध अधिकार है।उन्होंने कहा कि हमे अपने अधिकारों के साथ साथ कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। वही मुख्यतिथि ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने बताया कि भारत को विकसित करने के लिए पीएम मोदी ने पंच प्रण दिए है।उन्होंने कहा कि अगले 25 साल जिसे अमृतकाल कहा जा रहा है।एक संकल्प के तौर पर पीएम मोदी ने आह्वान किया है।वही उन्होंने स्कूली छात्रों द्वारा भारत को विकसित बनाने के लिए पूछे गए प्रश्नो की तारीफ़ भी की। वही इस कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।

Kullu Update
Author: Kullu Update

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