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मज़दूरों की सभी मांगे माने सरकार नहीं तो सड़को पर उतर करेंगें विरोध प्रदर्शन

कुल्लू अपडेट ,आज ट्रेड यूनियन संयुक्त संघर्ष समिति हिमाचल प्रदेश की ओर से अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और कर्नल धनि राम शांडिल को एक ज्ञापन सौंपा है जिसमें उन्होने कहा है की सरकार को बने हुए एक वर्ष का समय हो गया है। लेकिन हम बहुत खेद के साथ कह रहे है कि इस एक साल की समय अवधि में हिमाचल प्रदेश अपने कामगार कल्याण बोर्ड में निर्माण मजदूरों का पंजीकरण, नवीनीकरण और उन्हें मिलने वाली सहायता राशि लगभग बंद है। जिसके बारे में अलग-अलग मजदूर यूनियनों ने इस दौरान कई मांगपत्र सौंपे और बोर्ड बैठकों में भी इस कार्य को प्रारंभ करने की मांग की गई। लेकिन अभी तक भी यह कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। इसलिये अब सभी पंजीकृत मजदूर यूनियनों संगठनों ने एक मंच पर इक्टठा होकर इसकी मांग उठाने और जरूरत के अनुसार संघर्ष करने की योजना बनाई है। सभी यूनियनों ने 7 दिसंबर को घुमारवीं -बिलासपुर में आयोजित बैठक में संयुक्त संघर्ष समिति गठित की है जिसमें इंटक, बीएमएस, सीटू, एटक, टीयूसीसी और एचकेएस मजदूर संगठन शामिल हुये है। जिसमें 12 दिसंबर को पूरे प्रदेश में गांव पंचायत स्तर पर विरोध दिवस मनाया और आज 23 सभी जिलों से मुख्यमंत्री को संयुक्त रूप में मांग पत्र भेजे जा रहे है। इस मांग पत्र के माध्यम से संघर्ष समिति के सदस्यों ने सरकार और बोर्ड को एक माह के अंदर सभी कार्य प्रारंभ करने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होने कहा की यदि सरकार उनकी मांगे नहीं मानेगी तो वह लोग सड़कों पर उतर विरोध प्रदर्शन शुरू कर देंगे। उनकी मांगे इस प्रकार से है :-
1 . 12 दिसंबर, 2022 को जारी उस अधिसूचना को वापिस लिया जाये जिसमें मनरेगा मजदूरों को निर्माण मजदूर न मानने का गैर कानूनी निर्देश जारी हुआ है।

  1. सभी मनरेगा मजदूरों को जो निर्माण कार्य वर्ष में 90 दिन से अधिक करते है उन्हें बोर्ड का सदस्य बनने और उन्हें सभी निर्धारित लाभ जारी करने का कानूनी अधिकार बहाल किया जाये।
  2. सभी मजदूरों की गत तीन वर्षों की सहायता राशि तुरंत जारी की जाये।
  3. 8फरवरी 2023 को सरकार द्वारा जारी उस अधिसूचना को भी रद्द किया जाये जिसमें निर्माण मजदू‌रों के पंजीकरण हेतु सेस (उपकर) अदायगी की गैर कानूनी शर्त लगाई गई है तथा पंजीकृत निर्माण मजदूरों को रोजगार प्रमाणपत्र जारी करने के अधिकार से वंचित किया गया है।
  4. बोर्ड की कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलाने हेतु बोर्ड का स्थाई अध्यक्ष और सचिव नियुक्त किया जाये।
  5. बोर्ड का राजस्व बढ़ाने के लिये निजी व सरकारी क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों से सेस उगाही को सही ढंग से किया जाये और उसके लिये श्रम विभाग को उचित दिशा-निर्देश जारी किये जाये।
    7 इस वर्ष भारी वर्षा से हुई तबाही की भरपाई के लिए बोर्ड से सदस्य मजदूरों को बोर्ड से सहायता राशि प्रदान की जाये।
Kullu Update
Author: Kullu Update

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