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ब्यास -पार्वती संगम पर पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा स्थापित कर पिता का सपना करेंगे पूरा-विक्रमादित्य

 

कुल्लू अपडेट, ऐतिहासिक जिया संगम स्थल को विकसित करने के उदेश्य को लेकर ग्रामीण व जिया पंचायत सहित भुंतर सुधार समिति शनिवार को लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मौहल रेस्ट हाउस में मिले। सभी ने संयुक्त रूप से ऐतिहासिक संगम स्थल जिया को धार्मिक व पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।  विक्रमादित्य सिंह ने प्रतिनिधिमंडल  की बात को बड़े गौर से सुना और कहा कि जिया संगम स्थल को निखारने का हमारे पिता राजा वीरभद्र सिंह का पुराना सपना है। इस सपने को में जरूर पूरा करूंगा। उन्होंने कहा कि राजीव घाट जिया में ही बनेगा और उस महान हस्ती की प्रतिमां ब्यास -पार्वती संगम जिया के पास ही स्थापित होगी। ग्रामीणों व सुधार समिति ने वन विभाग द्वारा 73 लाख का एस्टीमेट भी साथ में दिया।  क्योंकि भुंतर सुधार समिति काफी समय पहले से वन विभाग से मिलकर जिया को विकसित करने को पत्र सौंपा था। विभाग ने संगम का मौका किया और फिर इसका एस्टीमेट बनाया । जिया के सौंदर्यीकरण को लेकर प्लान तैयार है। लैंड स्नैचिंग से लेकर सुरक्षा दिवार सहित महिलाओं को नहाने के लिए बाथरूम की सुविधा दी है। वहीं शौचालय  भी बनाए जाएंगे  बैठने के लिए बेंच की सुविधा होगी। इस प्लान में 7 सोलर लाइट भी है। मुख्य द्वार में भव्य गेट का निर्माण किया जाएगा। वहीं कई सुविधाएं पवित्र स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और देवताओं के लिए दी जाएगी। विक्रमादित्य सिंह अपने हिसाब इस ऐतिहासिक संगम को कितना डवलप करेंगे यह उनके उपर निर्भर है। एक बात उन्होंने स्पष्ट कही है कि राजीव की प्रतिमा जिया में ही स्थापित होगी। उनके इस आश्वासन से  जिया से आए प्रतिनिधिमंडल के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। बता दें ऐतिहासिक जिया संगम सथल में धार्मिक तिथियों व त्योहारों में जिला भर के देवी- देवता श्रद्धालुओं संग यहां  पवित्र स्नान की डुबकी लगाने आते हैं। 
20 भादों को तो यहां हजारों श्रद्धालु  स्नान कर पुण्य कमाते हैं और जड़ी बूटियों के पानी से रोग मुक्त होते हैं। इस ऐतिहासिक पवित्र स्थल की महानता दूर – दूर तक है। देश के प्रधान मंत्री दिवंगत राजीव गांधी की अस्थियों का विसर्जन इसी पवित्र स्थल  पर किया गया। वहीं हिमाचल प्रदेश के 6 बार प्रधानमंत्री रहे राजा वीरभद्र सिंह की अस्थियां भी इसी पवित्र स्थान पर प्रवाहित की गई है । यह संगम स्थल आजतक अनदेखी का शिकार रहा। इस स्थल को विकसित करने के नाम पर कुछ नेताओं ने केवल राजनीतिक रोटियां ही सेंकी। लेकिन लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के आश्वासन से अब जिया की जनता व तमाम श्रद्धालुओं को ऐतिहासिक एवं पवित्र संगम स्थल जिया के सौंदर्यीकरण की पूरी उम्मीद जगी है।
 

Kullu Update
Author: Kullu Update

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