कुल्लू अपडेट , जिभी घाटी के आराध्य देवता गणपति शेषनाग के छत्र और चार छड़ी की बुधवार को प्रतिष्ठा देवविधि के साथ हुई। कुल्लू दशहरा में अग्निकांड के दौरान आग से छत्र को नुकसान पहुंचा था। देवालय लौटने पर देवता ने आदेश दिए थे कि नए छत्र का निर्माण किया जाए। इसके बाद कारकूनों ने सोने का छत्र और चार सोने की छड़ियां बनाने का कार्य आरंभ किया। इससे पहले देवता का छत्र 20 साल पहले बनाया गया था। देवता के कारदार सत्यदेव नेगी, देवता के कुल पुरोहित गोविंदर लाल शर्मा ने बताया कि निर्माण कार्य में जुटे कारीगरों ने 42 दिन तक एक समय का भोजन कर इस कार्य को पूरा किया है। सोने के छत्र और चार सोने की छड़ियों की प्रतिष्ठा पूरी की। देव कार्य पूर्ण होने के पश्चात देव भोज का आयोजन भी किया गया। इस आयोजन में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। देवता के समक्ष शीश नवाकर श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया। इस दौरान देवता के कुल पुरोहित गिविंद्र लाल शर्मा, पुजारी पुणे राम, भंडारी यज्ञ चंद, मोहन लाल, भादर सिंह, गंगा राम, प्रेम दास, चेत राम, भीमी राम आदि मौजूद रहे।




