कुल्लू अपडेट, ललित महाजन सरस्वती विद्या मंदिर वॉशिंग में दिनांक 26 फरवरी से लेकर 1 मार्च तक हिमाचल शिक्षा समिति द्वारा प्री प्राइमरी जिसे शिशु वाटिका बाल वाटिका भी कहा गया है, के वर्ग का आयोजन किया गया जिसमें हिमाचल शिक्षा समिति के माननीय अध्यक्ष मोहन कैष्टा जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।इस दौरान शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जाना है और शिक्षा में नवाचार लाना आज के समय में बहुत आवश्यक है।उन्होंने इस कार्यशाला का उद्देश्य और इसमें हमारी भूमिका क्या रहेगी इस विषय को मुख्य रूप से स्पष्ट किया उन्होंने कहा हमारे ऋषि मुनियों ने अपनी संस्कृतिऔर भारतीयता को नहीं छोड़ा अतः आज हमारा कर्तव्य बनता है कि शिक्षण प्रणाली में भारतीयता को लागू करना और ऐसे समाज का निर्माण करना, जैसा हमारे शिक्षाविदों ने कल्पना की थी।अपने संबोधन में उन्होंने विद्या भारती के लक्ष्य को भी जोड़ा, जिसके तहत ऐसे व्यक्ति का निर्माण किया जाता है,जो समाज के हित में कार्य करें और यहां आचार्य अपने आचरण से सिखाने वाला होता है। विद्या भारती के विद्यालय समाज द्वारा संचालित एवं पोषित विद्यालय हैं। इस वर्ग की संचालन टोली में हिमाचल शिक्षा समिति के शैक्षणिक प्रमुख सुरेश चड्ढा जी और उनके साथ समिति के उपाध्यक्ष श्रीमती शांता जी भी उपस्थित रहीं




