कुल्लू अपडेट ,हिमाचल प्रदेश में देवी देवताओं के सम्मान में कई मेले व त्यौहार मनाये जाते हैं। यहाँ आज भी लोग देव परम्पराओं को मानते है। ये देवों की पवित्र भूमि है, यहां के कण-कण में देवी-देवताओं का वास है। इसीलिए इसे देवभूमि कहा जाता है। यहाँ पर आज भी देव मिलन और देवों के शाही स्न्नान की परम्परा है।वही ऊझी घाटी के सोयल की आरध्य देवी माँ कोटली जी के रथ के निर्माण का कार्य विधिवत् रूप से संपन हो गया है और कल माता 1 जून प्रातः 9 बजे वशिष्ठ स्नान के लिए रवाना होंगी और 2 जून को वशिष्ठ में माता शाही स्नान करेंगी।
Author: Kullu Update
Post Views: 36



