कुल्लू अपडेट ,खराहल घाटी के आराध्य देवता जुआणी महादेव 70 साल बाद सेउबाग के जबाड़ी मेले में जाएंगे। देवता के कारकूनों और देवलुओं ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। 14 मार्च शाम को देवता अपने देवालय न्योली से सैकड़ों हारियानों के साथ ढोल, नगाड़ों और नरसिंगों की स्वर लहरियों के बीच सेउबाग मेले के लिए रवाना होंगे। देवता देव परंपरा का दो दिन निर्वहन करेंगे। मेले में देवी-देवताओं का मिलन भी होगा। देवता का मिलन ठाकर महाराज के मंदिर में होगा और रात का ठहराव भी मंदिर में होगा। देवता 15 मार्च को गूरों के साथ नृत्य भी करेंगे। 16 मार्च को देवता अपने देवालय लौट जाएंगे। 92 वर्षीय राम नाथ ठाकुर ने कहा कि वर्ष 1954 के बाद देवता जबाड़ी मेले में नहीं गए। सात दशक बाद देवता एक बार फिर से रामचंद्र और माता दशमी वारदा की आज्ञा के अनुसार मेले के लिए जा रहे हैं। इसको लेकर तमाम हारियान और देवलू खासे उत्साहित हैं। देवता जुआणी महादेव के कारदार ओमप्रकाश महंत बताते हैं कि देवता 70 साल बाद मेले के लिए जा रहे हैं। इससे पहले देवता मेले में बखूबी देव परंपरा का निर्वहन करते थे। उस समय भोजन व्यवस्था को लेकर मन मुटाव हुआ था। माता दशमी वारदा के कारदार दोत राम ठाकुर ने कहा कि जुआणी महादेव मेले में शिरकत करेंगे। देवता के फिर से आने से देव संस्कृति प्रगाढ़ होगी। सभी देवी-देवताओं का मेले में भव्य मिलन होगा।




