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आइये जानें आखिर क्यों कृषि विभाग में अब किसान-बागवानों को नहीं मिलेगी एंटी हेलनेट

हिमाचल न्यूज (कुल्लू अपडेट ),हिमाचल प्रदेश के किसानों-बागवानों को अब कृषि विभाग से एंटी हेलनेट की सुविधा नहीं मिलेगी। सरकार ने कृषि विभाग के जरिये मिलने वाली एंटी हेलनेट स्कीम को अब उद्यान विभाग में शामिल कर दिया है। ऐसे में एंटी हेलनेट के लिए जिन हजारों किसानों ने कृषि विभाग में आवेदन कर रखा था अब उन्हें बागवानी विभाग में फिर से आवेदन करना होगा। सरकार एंटी हेलनेट योजना में किसानों-बागवानों को 80 फीसदी अनुदान देती है। जिला कुल्लू में बागवान सेब और जापानी फल एंटी हेलनेट का अधिक प्रयोग करते हैं। एंटी हेलनेट सेब की फसल को ओलावृष्टि से बचाती है। एंटी हेलनेट जापानी फल को पक्षियों से होने वाले नुकसान से रोकती है, लेकिन कृषि विभाग में स्कीम बंद होने से उन हजारों किसानों की चिंता बढ़ गई है जिन्होंने एंटी हेलनेट के लिए आवेदन कर रखा था। जिला कुल्लू में ही करीब 500 से अधिक किसानों के आवेदन कृषि विभाग के पास लंबित पड़े हैं। प्रदेश मेें यह संख्या हजारों में है। प्रदेश में बागवानी की करीब 6,000 करोड़ रुपये की आर्थिकी है। बागवानों की सुविधा के लिए सरकार ने एंटी हेलनेट योजना को आरंभ किया है। पूर्व भाजपा सरकार ने इस योजना को बागवानी के साथ कृषि विभाग में भी लागू किया था। वर्तमान सरकार ने कृषि विभाग के जरिये मिलने वाले एंटी हेलनेट की सुविधा को उद्यान विभाग में शामिल कर दिया है।

Kullu Update
Author: Kullu Update

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