हिमाचल न्यूज ,जोरावर स्टेडियम धर्मशाला में जनसभा के दौरान भाजपा प्रत्याशी सुधीर शर्मा भावुक हो गए और उनके आंखों से आंसू निकल आए। रुंधे हुए गले से सुधीर ने कहा कि हमारे बारे में बहुत सी बातें कही गईं। मुख्यमंत्री बार-बार यह कहते रहे कि विधायक बिक गए हैं, लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि सुधीर शर्मा बिकाऊ नहीं है। मैंने हमेशा धर्मशाला के विकास की लड़ाई लड़ी है। यही कारण था कि जब राज्यसभा प्रत्याशी के लिए मतदान हुआ तो तो छिपाकर या किसी से डर कर नहीं, बल्कि दिखाकर वोट डाला। जब 34-34 बराबर वोट हुए तो ईश्वर का निर्णय हुआ कि हर्ष महाजन जीतकर राज्यसभा में जाएं।सुधीर ने यहां तक कहा कि कांग्रेस का यह वही मैदान है, जहां पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने मेरा हाथ सबके सामने झटका था। मेरा कसूर यह था कि मैंने धर्मशाला में बनने वाले केंद्रीय विवि, चैतडू में आईटी पार्क और बेरोजगारों से किया वायदा पूरा करने की आवाज उठाई थी, लेकिन बार-बार मुझे अपमानित किया गया। जहां पर मान-सम्मान न हो, वहां पर एक पल भी नहीं रहना चाहिए और बड़े से बड़ा पद भी ठुकरा देना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की सोच और नीतियों को देखकर भाजपा में शामिल हुआ हूं। मैंने पूर्व में कभी दल नहीं बदला। हमारा पूरा परिवार कांग्रेस में रहा, यहां तक कि पिता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे। जब मां से भाजपा में शामिल होने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि अब यह तुम्हारे पिता वाली कांग्रेस नहीं रही है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला की जनता और देश हित के लिए भाजपा में शामिल हो जाओ। मैंने टिकट तक नहीं मांगा, लेकिन मैं धन्यवादी हूं जिन्होंने मुझे उपचुनाव में प्रत्याशी बनाया। अभी तो नौ आए हैं, बहुत से और आने वाले हैं। धर्मशाला की जनता की लड़ाई लड़ता रहा हूं आगे भी लड़ता रहूंगा। पत्रकारों से बातचीत में विधायकों के बिकने के सवाल पर सुधीर ने कहा कि बौखलाया हुआ व्यक्ति कुछ भी कह सकता है, जिससे अपना कुनबा संभाला नहीं गया। मुझे तो दया आती है ऐसे व्यक्ति पर। मुख्यमंत्री और कुछ अन्य को कोर्ट में घसीटेंगे। झूठे आरोप लगाने पर न्यायालय में केस किया गया है, जब नोटिस जारी होंगे तो उन्हें कोर्ट में आना पड़ेगा।




