कुल्लू अपडेट ,जिले में प्राथमिक से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक तक 101 निजी विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए बसों और वाहनों में क्या इंतजाम किए गए हैं, इसका औचक निरीक्षण किया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग स्कूल बसों समेत छोटे वाहनों, जिनमें स्कूली बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर ले जाने की व्यवस्था है, का निरीक्षण होगा ताकि बच्चों के जीवन के साथ किसी तरह का खिलवाड़ न हो। इसके लिए विभागीय तौर पर सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं। इसी माह से वाहनों की जांच का अभियान शुरू कर दिया जाएगा। बसों या वाहनों में बच्चों को सीटों के हिसाब से ही बैठाना होता है, लेकिन देखने को मिलता है कि वाहनों में बैठने की क्षमता से अधिक बच्चों को बैठा दिया जाता है। बसों में प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ्य किट उपलब्ध होना अनिवार्य रहेगी। चालक को वर्दी में वाहन चलाना होगा और बिना लाइसेंस धारक चालक नहीं होना चाहिए। छोटे बच्चों और छात्राओं की सुरक्षा के लिए महिला परिचालक या शिक्षिका का बस या वाहन में होना भी अनिवार्य रहेगा। वाहन नियमों के अनुसार 15 साल पुराना नहीं होना चाहिए और वाहन की पासिंग, इंश्योरेंस और सभी दस्तावेज सत्यापित होने चाहिए। उपरोक्त नियमों के तहत खामियां मिलने पर स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक सुरजीत सिंह राव ने कहा कि बच्चों की सेहत के साथ लापरवाही कतई सहन नहीं की जाएगी। जिले के सातों शिक्षा खंडों में विभागीय टीम बसों और वाहनों का औचक निरीक्षण करेगी। नियमों के पालन में कोताही होने पर कार्रवाई स्कूल प्रबंधन पर होगी।




