लाइफस्टाइल (हेल्थ एंड फिटनेस )हर साल 19 अप्रैल को दुनियाभर में ‘वर्ल्ड लिवर डे’ मनाया जाता है। लिवर शरीर का सबसे बड़ा और जरूरी ऑर्गन होता है। आजकल के लाइफस्टाइल में गलत खानपान के कारण लिवर में फैट जमा होने लगता है, जिससे फैटी लिवर की समस्या बढ़ती है। बता दें, इसमें अल्कोहलिक फैटी लीवर (एएलडी) या नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग (एनएएफएलडी) होता है, जो कि वक्त रहते इलाज न मिलने पर गंभीर रूप भी ले सकता है।
कोलंबिया विश्वविद्यालय के सर्जरी विभाग ने अपनी वेबसाइट पर बताया है, कि लिवर शरीर में खून की आपूर्ति से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है, ब्लड शुगर लेवल को हेल्दी रखता है और ब्लड क्लॉट बनने से बचाता है। अमेरिकन लिवर फाउंडेशन की मानें, तो लिवर शरीर के 500 से ज्यादा अलग-अलग फंक्शन में बड़ी भूमिका निभाने वाले मेहनती अंगों में से एक है। लिवर के ज्यादातर फंक्शन मेटाबॉलिज्म से जुड़े होते हैं, ऐसे में इस बात पर ध्यान देना काफी जरूरी हो जाता है कि हम क्या खाते हैं।
क्यों होती है फैटी लिवर की समस्या?
क्या आप जानते हैं कि आपकी कुछ पसंदीदा फूड आइटम्स आपके लिवर के कामकाज में बाधा डाल सकती हैं? जी हां, ऐसा तब होता है जब एक्सट्रा शुगर वाले खाद्य या पेय पदार्थों का जरूरत से ज्यादा सेवन किया जाता है। फ्राइड फूड, अल्कोहल और प्रोसेस्ड मीट जैसी कई चीजें इसमें शामिल हैं। इन खाद्य पदार्थों के ज्यादा सेवन से फैटी लीवर रोग के विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है। इस बारे में योग और आयुर्वेद की लाइफस्टाइल स्पेशलिस्ट, नमिता चंद्रा पिपरिया ने एक वीडियो में बताया है कि फैटी लीवर की समस्या क्यों होती हैं।
फैटी लिवर से बचाव के लिए इन बातों का रखें ख्याल
अधिक मात्रा में शराब के सेवन से लिवर में फैट का निर्माण हो सकता है।
कैंडी, कुकीज, सोडा और फलों के रस जैसे मीठे खाद्य पदार्थ से परहेज करना चाहिए।
तले हुए खाद्य पदार्थ फैट और कैलोरी की मात्रा बढ़ा सकते हैं, जिससे फैटी लिवर रोग के विकास का खतरा हो सकता है।
ज्यादा नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन भी सीमित मात्रा में करना चाहिए। स्टडीज से पता चला है कि हाई सोडियम के सेवन एनएएफएलडी का जोखिम रहता है।
प्रोसेसड व्हाइट फ्लोर से बनी वस्तुएं जैसे ब्रेड और पास्ता भी ज्यादा नहीं खाना चाहिए।
हाई प्रोसेस्ड मीट के सेवन से भी दूरी बनानी चाहिए, क्योंकि इनमें सैचुरेटेड फैट ज्यादा पाया जाता है।
आप क्या खा रहे हैं इस पर नजर बनाए रखें, ओवरईटिंग से बचें और अपने लिवर को हेल्दी रखें।




