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निर्वाचन के दौरान किसी भी प्रकार की रिश्वत लेने व देने से बचें: डीसी काँगड़ा

हिमाचल न्यूज ,जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के संचालन के लिए समाज के सभी घटकों का सहयोग अपेक्षित है। निर्वाचन आयोग ने चुनावों के सफल संचालन के लिए सभी तैयारियां कर ली हैं, लेकिन इनके क्रियान्वयन के लिए समाज को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी आवश्यक है। भारतीय दंड संहिता की धारा 171 ख के अनुसार यदि कोई व्यक्ति निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान धनराशि या अन्य किसी प्रकार का पारितोषिक प्राप्त करता है या पारितोष्ण देता है, जो कि किसी व्यक्ति के मतदान करने के अधिकार में प्रभाव डालता हो, को एक साल के कारावास या जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। इसके अतिरिक्त भारतीय दंड संहिता की धारा 171 ग के अनुसार यदि कोई व्यक्ति किसी अभ्यर्थी या मतदाताओं को या किसी ऐसे व्यक्ति को जिससे अभ्यर्थी या मतदाता हितबद्ध है किसी प्रकार की क्षति करने की धमकी देता है उसको एक साल के कारावास और जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। रिश्वत लेने और देने वालों दोनों के खिलाफ और मतदाताओं को डराने और धमकाने में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज करने के लिए प्रत्येक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र वार उड़नदस्ता दलों का गठन किया गया है। आदर्श चुनाव संहिता की अनुपालना के लिए जिला भर में व्यय निगरानी के लिए टीम का गठन किया गया है। जिले में स्टेटिक सर्वेलांस टीम, उड़न दस्ता और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। इस दौरान बिना वैध प्रमाण के 50 हजार से अधिक नकदी और अन्य आपत्तिजनक सामान को गाड़ी में रखना और साथ ले जाने पर जब्त कर लेने का प्रावधान है। आदर्श चुनाव संहिता के उल्लंघन या निष्पक्ष चुनावों के संचालन में कोई व्यक्ति, समूह बाधा डालता है या मतदाताओं को प्रभावित करता है तो उसकी शिकायत सी-विजिल एप के माध्यम से भी की जा सकती है।

Kullu Update
Author: Kullu Update

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