कुल्लू अपडेट , बनोगी गांव के देवता गिरमल ने रविवार को धार्मिक तीर्थ स्थल मणिकर्ण में सैकड़ों हारियानों और देवलुओं के साथ शाही स्नान किया। राम मंदिर में देव विधि के साथ देवता का पवित्र स्नान कारकूनों ने वाद्ययंत्रों की मंगल ध्वनियों के बीच करवाया। शाही स्नान के सैकड़ों देवलू भी साक्षी बने।
इसके साथ ही माता दशमी वारदा के चिह्न का भी पवित्र जल से स्नान वैदिक मंत्रों के साथ किया। साथ ही पनाणू देवता ने भी स्नान किया। इस अवसर धार्मिक नगरी भक्तिमय हो गई। देवता गिरमल ने 26 साल बाद मणिकर्ण में शाही स्नान किया। पवित्र स्नान करने के बाद देवता रशोल के लिए रवाना हुए। रशोल में देवता का रात्रि ठहराव हुआ। सोमवार को देवता मलाणा के लिए रवाना होंगे, जहां पर देव परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। देवता गिरमल के कारदार ठाकर चंद कोटिया और पनाणू देवता के पुजारी सुरेश दरोगा ने कहा कि देवता ने 26 वर्ष बाद मणिकर्ण में पवित्र स्नान किया है। देवता के भंडार का निर्माण होने सहित अन्य वस्तुएं भी बनाई गई हैं। ऐसे में देवता के आदेश पर ही पवित्र स्नान किया गया। स्नान के शुद्धीकरण से देवी-देवताओं में कई शक्तियां विद्यमान हो जाती हैं।




