हिमाचल न्यूज, हिमाचल प्रदेश के शिमला (Shimla) जिले की चौपाल विधानसभा से कांग्रेस विधायक रहे और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के ‘हनुमान’ कहे जाने वाले सुभाष चंद मंगलेट ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है. दिल्ली में उन्होंने सोमवार शाम को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण की. इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलेट के भाजपा परिवार में आने पर प्रसन्नता व्यक्त की है.
जानकारी के अनुसार, शिमला के चौपाल से नेता मंगलेट मात्र 28 वर्ष की उम्र में 2003 में पहली बार निर्दलीय विधायक बने थे. मंगलेट शुरू से ही सामाजिक एवं धार्मिक कार्यां से जुड़े रहे हैं. उन्होंने हिमाचल प्रदेश में तीन धार्मिक आश्रम और प्रदेश से बाहर एक धार्मिक आश्रम बनवाए हैं, जहां श्रद्धालुओं का लगातार आना–जाना लगा रहता है. मंगलेट कांग्रेस में रहने के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के टीम में कई बार काम कर चुके हैं. पिछली कांग्रेस सरकार में श्री मंगलेट मार्केंटिंग बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं. वे ऑल इंडिया एग्रीकल्चर मार्केंटिंग बोर्ड के भी अध्यक्ष पद का पदभार भी संभाल चुके हैं. बता दें कि मंगलेट को भाजपा में शामिल करवाने में भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने अहम भूमिका निभाई है. गौरतलब है कि हर्ष महाजन ने 2022 में कांग्रेस को अलविदा कहा था और वह भी वीरभद्र सिंह के करीबियों में गिने जाते थे. मंगलेट ने कहा कि वे आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में और राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा जी के मार्गदर्शन में देश के विकास एवं पार्टी की मजबूती के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा करने को सदैव तत्पर रहेंगे.
कांग्रेस ने काट दिया था टिकट :-साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के बलवीर वर्मा की 25 हजार 873 वोट के साथ जीत हुई थी. यहां कांग्रेस के रजनीश किमटा को 20 हजार 840 वोट मिले थे. निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़े डॉ. सुभाष चंद मंगलेश ने 13 हजार 706 वोट हासिल किए थे. कांग्रेस ने मंगलेट का यहां से टिकट काट दिया था और किमटा को टिकट दिया था.




