हिमाचल न्यूज ,हिमाचल प्रदेश की मंडी संसदीय क्षेत्र (Mandi Lok Sabha Seat) से भाजपा को बड़ी खुशखबरी मिली है. यहां से कंगना रनौत चुनाव जीत गई हैं. कंगना ने कांग्रेस के विक्रमादित्य सिंह को मात दी है. कंगना को सभी राउंड की वोटिंग खत्म होने के बाद अब तक 75 हजार वोटों की लीड मिली है. देश की सबसे हॉट सीट में शुमार मंडी से भाजपा ने बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत को उतारा था. ऐसे में कंगना रनौत को 75 हजार प्लस के मार्जिन से जीत मिली है.
दरअसल, कांग्रेस के विक्रमादित्य सिंह कंगना रनौत के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे. मंडी सीट से विक्रमादित्य सिंह दिवगंत पिता और पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह भी सांसद रहे हैं. विक्रमादित्य सिंह की माता प्रतिभा सिंह अभी यहां से सांसद हैं. विक्रमादित्य सिंह से लगातार पिछड़ रहे हैं. दोनों में कांटे का मुकाबला था. लेकिन कंगना ने अंत में बाजी मारी.
साल 1952 में पहले लोकसभा चुनाव मे मंडी से दो सांसद चुने गए. पटियाला राजघराने की राजकुमारी रानी अमृत कौर और गोपी राम सांसद चुने गए. गोपी राम दलित समुदाय के प्रतिनिधि थे. उस वक्त दलितों की आबादी के लिहाज से दो सांसद चुने जाने की व्यवस्था थी. रानी अमृत कौर न सिर्फ मंडी से पहली सांसद चुनी गई. बल्कि देश की पहली स्वास्थ्य मंत्री भी बनी. वह कांग्रेस पार्टी से संबंध रखती थी. इसके बाद, 1957 में कांग्रेस पार्टी ने मंडी रियासत के राजा रहे जोगिंद्र सेन जीते. 1962 और 67 में सुकेत रियासत के राजा ललित सेन को टिकट दिया गया और दोनों ही बार वह जीतकर संसद पहुंचे.
1971 में रामपुर बुशैहर रियासत के राजा वीरभद्र सिंह ने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की. इसके बाद, बारी आई कुल्लू रियासत के राजा महेश्वर सिंह की. साल 1989 के चुनावों में भाजपा ने महेश्वर सिंह को टिकट दिया और उन्होंने जीत हासिल करके अपनी रियासत के लोगों का सपना पूरा किया. वह भी तीन बार सांसद रहे और फिर बाद में वीरभद्र सिंह के अलावा, उनकी पत्नी भी यहां से सांसद रही. 2014 और 2019 में जीत के बाद भाजपा को यहां से 2022 के उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. यहां से प्रतिभा सिंह 2019 के चुनाव में यहां से भाजपा के राम स्वरूप शर्मा जीते थे. उन्हें 647189 (74 फीसदी वोट) मिले थे. उनके मुकाबले में कांग्रेस के आश्रय शर्मा को 241730 वोट हासिल हुए थे. मंडी संसदीय सीट पर 17 चुनाव और दो उपचुनाव हुए, जिसमें से 13 बार राज परिवारों के सदस्यों ने जीत हासिल की जबकि मात्र 6 बार ही आम नेता चुनकर आ सके. कंगना पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रही थी और अब जीत हासिल की है.




