कुल्लू अपडेट, पिछले लगभग 08 महीने से जिला कुल्लू में जो बच्चे हिमाचल प्रदेश कौशल विकास भत्ता योजना के तहत पंजीकृत है। उनको श्रम एवं रोजगार कार्यालय विभाग , जिला कुल्लू के द्वारा उनका भता नहीं दिया गया है। जिस वजह से प्रशिक्षुओं और जिला स्तरीय कमेटी द्वारा पंजीकृत संस्थान संचालकों को बहुत भरी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुल्लू में पंजीकृत संस्थान संचालक एल्प्स (Alps) इंस्टिट्यूट के निदेशक जितेंद्र राजपूत का कहना है की हिमाचल प्रदेश कौशल विकास भत्ता योजना के तहत जो बच्चे विभिन प्रशिक्षण ले रहे होते है वह पहले ही गरीब परिवार से सम्बन्ध रखने वाले बच्चे होते है जिनके परिवार की वार्षिक आय 200,000 रूपए से कम होती है। यह अधिकांश बच्चे ग्रामीण क्षेत्र से सम्बन्धित होते है। कौशल विकास भत्ते के माध्यम से जो बच्चो को विभिन प्रशिक्षण लेने के लिए दो वर्षों में 24,000 की वितीय सहायता मिलती थी उससे हमारे प्रदेश का गरीब बच्चा अपने जीवन में रोजगार और स्वरोजगार प्राप्त करने के लिए खुद को विभिन्न कार्यकर्मों में प्रशिक्षण लेकर कुशल बन रहा था आज उसमे रोक लग चुकी है। हिमाचल प्रदेश कौशल विकास भत्ता योजना के लिए जिला स्तरीय कमेटी द्वारा जो संस्थान पंजीकृत या अधिकृत है उनको भी इसकी वजह से वितीय समस्यों से जूझना पड़ रहा है। बच्चों को कौशल भता न मिलने पर बच्चे संस्थनों की ट्रेनिंग फीस सही समय पर नहीं दे पा रहे है जिसकी वजह से संसथान संचालकों को अपने संसथान का किराया या तनख्वाह देने में भारी दिक्कत का सामना करना पद रहा है।और वहीं संस्थान के निदेशक जितेंद्र राजपूत का कहा की आज उन्होंने और प्रशिक्षण ले रहे बच्चों के साथ उपायुक्त कुल्लू से मिले और आग्रह किया की हिमाचल प्रदेश कौशल विकास भत्ता योजना के तहत पंजीकृत संस्थानों और प्रशिशुओं की समस्याओं की गम्भीरता को समझते हुए पिछले 8 महीने से रुके हुए भत्तों को प्रदान किया जाये।







