
सुक्खू सरकार की बड़ी योजना, प्लास्टिक वेस्ट खत्म करने को रिफंड डिपॉजिट स्कीम लागू
हिमाचल प्रदेश में सरकार ने प्लास्टिक नियंत्रण पर एक बड़ा फैसला लागू कर दिया है। राज्य में रिफंड डिपॉजिट स्कीम लागू कर दी गई है, जिसके तहत लोगों को प्लास्टिक में आने वाले उत्पादों पर अधिक राशि देनी होगी और बाद में अतिरिक्त धनराशि उन्हें रिफंड हो जाएगी। इसके लिए लोगों को डिपॉजिट सेंटरों पर जाकर प्लास्टिक रैपर जमा करवाना होगा, जहां पर ऑनलाइन ही व्यक्ति के बैंक खाते में पैसा आ जाएगा। प्रदेश सरकार ने कैबिनेट में इस योजना को मंजूर किया था, जिस पर अब पर्यावरण विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य सरकार ने इस योजना को सही तरह से लागू करने के लिए एक हाई पावर कमेटी का गठन किया है। इस उच्च स्तरीय कमेटी की अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे। इसमें सदस्यों के रूप में प्रशासनिक सचिव शहरी विकास, ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, सचिव वन, पर्यटन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, वित्त, उद्योग, राज्य कर एवं आबकारी और सचिव स्वास्थ्य को रखा गया है। उनके अलावा सचिव पर्यावरण इसके संयोजक होंगे। यह कमेटी योजना की नीति, दिशा निर्देश व प्रोसिजर को लेकर फैसला लेगी। इसके लिए एक सोसायटी का गठन किया जाएगा, जोकि नॉन प्रोफिटेबल होगी।
सोसायटी के बोर्ड में सचिव पर्यावरण को चेयरमैन बनाया जाएगा, जिनके साथ सदस्यों के रूप में निदेशक शहरी विकास, निदेशक ग्रामीण विकास, ईएनसी लोक निर्माण, पीसीसीएफ वन, निदेशक पर्यटन, निदेशक खाद्य आपूर्ति सलाहकार योजना, निदेशक उद्योग, आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी, सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, निदेशक नगर नियोजन, निदेशक स्वास्थ्य, निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क, एमडी मिल्कफेड सदस्य होंगे। वर्तमान सरकार ने कुरकुरे, चिप्स, टॉफी, चॉकलेट आदि से जुड़े प्लास्टिक को खत्म करने के लिए इस तरह की पहल की है। इसमें कंपनियों के साथ ग्राहकों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। ग्राहकों को यदि कोई चीज 10 रुपए में मिल रही है, तो उसे इसकी जगह 12 या 15 रुपए देने होंगे। उत्पाद के असल मूल्य से अधिक दरों को वापस हासिल करने के लिए ग्राहक को डिपॉजिट सेंटरों पर जाना होगा, जहां पर रैपर देने के बाद ऑनलाइन उन्हें बैंक खाते में पैसे रिफंंड हो जाएंगे। देखना होगा कि यह योजना कितनी सफल होती है।



