कुल्लू अपडेट, भारत वर्ष में आपातकाल के 50 वर्ष पूरा होने पर जिला कुल्लू भाजपा के द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन किया। इस संगोष्ठी में पूर्व मंत्री व प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष गोविंद ठाकुर, मंडी की सांसद कंगना रनौत, जिला कुल्लू के भाजपा अध्यक्ष अमित सूद उपस्थित रहे। संगोष्ठी में आपात काल के साक्षी रहे पूर्व मंत्री स्व कुंज लाल के पुत्र छविंद्र ठाकुर, स्व भाजपा नेता चंद्रसेन के पुत्र जितेन्द्र ठाकुर, स्वर्गीय गोविंद राम के सुपुत्र अजित सिंह,बेगम देवी सुपुत्री स्वर्गीय मनी राम और स्वयं भुक्तभोगी रहे जगदेव जी ने अपने विचारों को सांझा किया और कहा कि आपात काल ने उस दौरान लोगों को मुगल शासकों के क्रूर व्यवहार की याद दिलाई और आज भी कांग्रेस उस दाग को नहीं धो सकती है। पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि उस दौरान तत्कालिक प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी पर तानाशाही पूर्ण व्यवहार पूरे देश को आहत कर गया। उन्होंने मुगल शासकों की तरह क्रूर व्यवहार किया भारतीय इतिहास में 25 जून 1975 का दिन भारतीय संविधान की हत्या का दिन बनाया। कांग्रेस ने सत्ता के लालच में देश के नागरिकों के सभी अधिकार छीन कर और लोकतंत्र को तार तार कर दिया था। आपात काल में विपक्षी नेता, समाजसेवी, पत्रकार जो भी लोकतंत्र व संविधान की बात करता था। उन सभी को चुन चुन कर जेलों में डाल कर इंदिरा गाँधी ने सारे हदें पार कर दी थी। पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि इंदिरा गाँधी ने हद तब पार कर दी थी। जब उच्चतम न्यायालय पर भी उन्होंने नियंत्रण कर न्याय व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया था। ऐसे में भारत का इतिहास कांग्रेस पार्टी के इस कुकृत्य के लिए उसे कभी माफ नहीं करेगा।
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वही, संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रनौत ने भी अपने संबोधन में आपातकाल की आलोचना करते हुए कांग्रेस पार्टी पर कड़ा प्रहार किया। कंगना रनौत ने कहा कि आज संविधान की कॉपी हाथ में लेकर घूमने वाले कांग्रेस नेता राहुल गाँधी सहित सभी कांग्रेसी नेताओं को उस समय के आपातकाल पर भी दो शब्द बोलने चाहिए कि किस तरह उनके पूर्वजों के हाथ आपातकाल का विरोध करने वाले भारतीय नागरिकों के खून से सने हैं। उन्होंने कहा की आज भी कांग्रेस पार्टी की मानसिकता वही है। जो आज से 50 वर्ष पहले उनके पुरखों की थी, जिनके लिए सता ही सब कुछ थी। ऐसे में आपातकाल के दौरान कांग्रेस पार्टी ने लोकतंत्र की हत्या की। जिसके लिए देश उन्हें कभी भी माफ नहीं करेगा।
इस संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष अमित सूद ने कहा की आपातकाल का वह लगभग 21 महीनें का कालखंड कभी भी नहीं भुलाया जा सकता हैं। आज की पीढ़ी को इसके बारे में जानकारी रखनी चाहिए कि किस प्रकार सता में बने रहने के लिए कांग्रेस और इंदिरा गाँधी ने भारतीय नागरिकों से जीने तक के अधिकार को छीन लिया था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश का विकास कर रही है और देश की अर्थव्यवस्था को 11वें स्थान से चौथे स्थान पर ले आयी है। तो ऐसे में कांग्रेस नेता संविधान की हत्या के नाम पर केवल जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। जबकि जनता सब जानती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व से खुश नजर आ रही है।
इस मौके पर उस समय आपातकाल के खिलाफ अपनी आवाज उठाने वाले 17 परिवारों को सम्मानित किया गया। आपातकाल में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जीवित सदस्यों ने आपातकाल के उस समय को याद करते हुए इसे एक भयंकर त्रासदी करार दिया।
वही,इस संगोष्ठी में विधायक सुरेंद्र शौरी, लोकेंद्र लौकी,नरोतम ठाकुर,धनेश्वरी ठाकुर,अखिलेश कपूर,भीमसेन शर्मा,अमर ठाकुर,नरेश चौहान,योगेश वर्मा,मनीषा सूद, मीना ठाकुर,संजीव शर्मा,श्रवण ठाकुर,जोगेंद्र मेहरा, राजेश ठाकुर, विमला ठाकुर, अनीता शर्मा, श्याम कुल्लुवी, रुक्मिणी जोशी, तरुण विमल, सौरभ भारद्वाज सहित लोग उपस्थित रहे और सभी ने आपातकाल की कड़े शब्दों में निंदा की।








