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IND vs ENG: राइट-गैरी से द्रविड़-फ्लेचर तक, पिछले 25 साल में इंग्लैंड में कौन सा भारतीय कोच रहा सबसे कामयाब?

इंग्लैंड में जीत के मामले में भारत के सबसे कामयाब कोच रवि शास्त्री रहे हैं। वह ही इंग्लैंड में सबसे ज्यादा मैचों में भारत के मुख्य कोच भी रह चुके हैं। आइए जानते हैं कि साल 2000 से लेकर अब तक इंग्लैंड में सबसे कामयाब भारतीय कोच कौन रहे हैं…

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला दो जुलाई से बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेला जाएगा। इसको लेकर दोनों टीमों ने तैयारी शुरू कर दी है। लीड्स में पहला टेस्ट पांच विकेट से जीतने के बाद इंग्लिश टीम आत्मविश्वास से भरी होगी, जबकि शुभमन गिल के नेतृत्व वाली युवा भारतीय टीम की नजर वापसी कर सीरीज को 1-1 से बराबर करने पर होगी। मुख्य कोच गौतम गंभीर की देखरेख में टेस्ट में भारत का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है।

टीम ने कई मौकों पर शानदार खेल दिखाया, लेकिन मैच नहीं निकाल पाई। बतौर कोच इंग्लैंड में अपने पहले ही मैच में उन्हें और टीम को हार का मुंह देखना पड़ा। हालांकि, उनके पास अभी इस रिकॉर्ड को सुधारने के लिए चार और टेस्ट हैं। इंग्लैंड में जीत के मामले में भारत के सबसे कामयाब कोच रवि शास्त्री रहे हैं। वह ही इंग्लैंड में सबसे ज्यादा मैचों में भारत के मुख्य कोच भी रह चुके हैं। आइए जानते हैं कि साल 2000 से लेकर अब तक इंग्लैंड में सबसे कामयाब भारतीय कोच कौन रहे हैं…

भारत ने साल 2000 के बाद सबसे पहले 2002 में जॉन राइट की देखरेख में और सौरव गांगुली के नेतृत्व में इंग्लैंड का दौरा किया था। तब चार मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर रही थी। यानी जॉन राइट के कोच रहते भारत ने चार में से एक मैच जीता और एक में टीम को हार मिली। दो टेस्ट ड्ऱॉ रहे थे। इसके बाद टीम इंडिया ने 2007 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में इंग्लैंड का दौरा किया। हालांकि, उस वक्त भारत का कोई कोच नहीं था और टीम को मैनेज चंदू बोर्डे कर रहे थे। बिना कोच के भारतीय टीम सीरीज जीतने में कामयाब रही थी। तीन मैचों की टेस्ट सीरीज भारत ने 1-0 से अपने नाम की थी।

साल 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी और गैरी कर्स्टन की कोचिंग में भारत ने इंग्लैंड का दौरा किया था। तब चार मैचों की सीरीज में भारत को 4-0 से शिकस्त मिली थी। यानी गुरू गैरी की देखरेख में भारत ने कोई मैच नहीं जीता और चारों के चारों मैच गंवाए। इसके बाद टीम इंडिया ने 2014 में धोनी की ही कप्तानी और डंकन फ्लेचर की कोचिंग में इंग्लैंड का दौरा किया। भारतीय टीम ने इस सीरीज की शुरुआत शानदार तरीके से की थी। पहला मैच ड्रॉ कराने के बाद दूसरा टेस्ट अपने नाम किया था। हालांकि, इसके बाद टीम इंडिया पटरी से उतर गई थी और आखिरी के तीन टेस्ट हार गई थी। 

इसके बाद भारत ने 2018 और 2021 में रवि शास्त्री की कोचिंग में इंग्लैंड का दौरा किया था। हालांकि, 2021 में चार टेस्ट ही खेला जा सका था और फिर पांचवें टेस्ट को 2022 में शिफ्ट कर दिया गया था। तब रवि शास्त्री उस टेस्ट में कोच नहीं थे। यानी 2018 और 2021 में भारत ने उनकी कोचिंग में इंग्लैंड में कुल नौ टेस्ट खेले। साथ ही न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2021 का फाइनल भी खेला था। 2018 में भारतीय टीम पांच मैचों की सीरीज 4-1 से हार गई थी। तब विराट कोहली कप्तानी कर रहे थे। वहीं, 2021 में चार टेस्ट में भारत 2-1 से आगे रहा था। डब्ल्यूटीसी फाइनल में टीम इंडिया को हार मिली थी। यानी शास्त्री की कोचिंग में भारत ने इंग्लैंड में खेले 10 टेस्ट में से तीन में जीत हासिल की, जबकि छह में हार का सामना करना पड़ा। एक टेस्ट ड्रॉ रहा। 

साल 2000 के बाद इंग्लैंड में भारतीय टेस्ट टीम के मुख्य कोच का प्रदर्शन

मुख्य कोचमैचजीतेहारेड्रा
जॉन राइट4112
गैरी कर्स्टन4040
डंकन फ्लेचर5131
रवि शास्त्री10361
राहुल द्रविड़2020
गौतम गंभीर (अब तक)1010

वहीं, द्रविड़ की कोचिंग में भारत ने 2022 में 2021 सीरीज का बचा एक मैच और 2023 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला था। हालांकि, टीम इंडिया को दोनों में हार मिली थी। अब गंभीर की कोचिंग में भारत एक मैच गंवा चुका है। हालांकि, मौजूदा सीरीज में गंभीर को अपनी उत्कृष्टता दिखाने के लिए अभी भी चार मैच बाकी हैं।

Kullu Update
Author: Kullu Update

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