मंडी जिले में भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन हुआ है, जिससे 261 सड़कें बंद, 1700 ट्रांसफार्मर ठप और 18 लोग लापता हैं. राहत कार्य जारी है. अब तक 4 लोगों की मौत हो गई है.

हाइलाइट्स
- मंडी में भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन हुआ.
- 261 सड़कें बंद, 1700 ट्रांसफार्मर ठप, 18 लोग लापता.
- राहत कार्य जारी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात.
मंडी. हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में कुदरत का कहर बरपा है. यहां पर बीते कल सोमवार से लगातार हो रही बारिश ने सब कुछ अस्त व्यस्त कर दिया है. जिले के धर्मपुर, गोहर, बगस्याड, पंडोह सहित सराज के कई इलाकों में फ्लैश फ्लड आया है. मंडी जिला ने सुबह 11 साढ़े बजे जारी रिपोर्ट जारी की है. इसमें कहा है कि जिले में 261 सड़कें बंद हो गई है, जबकि 1700 से ज्यादा ट्रांसफर्मर ठप हो गए हैं. जिले के कई उपमंडलों में भारी नुकसान हुआ है. कहीं घर ढह गए, तो कहीं लोग लापता हो गए हैं. कई स्थानों पर सड़कों और संचार व्यवस्था पर भी असर पड़ा है.
बीते 12 घंटों के भीतर चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 लोग अब भी लापता हैं. जिला प्रशासन ने हालात को गंभीर मानते हुए राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रही हैं. कुल 100 के करीब लोगों को जिलेभर से रेस्क्यू किया गया है. एडीसी मण्डी गुरसिमर सिंह ने बताया कि सबसे अधिक नुकसान करसोग में हुआ है. एक शव बरामद किया गया है. थुनाग में घरों और जानवरों को नुकसान हुआ है. गोहर के स्यांज में नौ लोग लापता हैं.
मंडी में बहुत ही भारी बारिश
मौसम विज्ञान के शिमला केंद्र ने बताया कि बीते 24 घंटों में सबसे अधिक वर्षा मंडी जिले के सन्धोल में 223.6 मिमी दर्ज की गई. इसके बाद मंडी में 216.8 मिमी, पंडोह में 215.0 मिमी, बिजाही में 196.0 मिमी, करसोग में 160.2 मिमी, पालमपुर में 143.0 मिमी, चौपाल में 139.8 मिमी, गोहर में 125.0 मिमी, बग्गी में 88.8 मिमी, कोटखाई में 83.1 मिमी, नेरी में 77.0 मिमी, कांगड़ा में 73.3 मिमी, सुजानपुर टीरा में 69.0 मिमी, नारकंडा में 67.5 मिमी, नादौन में 66.0 मिमी और कुफरी में 65.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई है.
करसोग और गोहर का हाल
प्रशासन की ओऱ से मिली रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक नुकसान मंडी जिले के करसोग उपमंडल में हुआ है, जहां एक व्यक्ति की मौत हुई है. इसके अलावा यहां 4 अन्य लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है. गोहर उपमंडल के स्यांज गांव में 9 लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है. ये सभी लोग एक ही परिवार से हैं. सराज क्षेत्र के बाड़ा गांव से 2 और तलवाड़ा गांव से 3 लोग लापता हैं. राहत की बात यह है कि बाड़ा से 4 लोगों और तलवाड़ा से एक बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है..
मंडी शहर में गाड़ियों को नुकसान
वहीं मंडी शहर के विभिन्न क्षेत्रों से अब तक 11 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है. खुद उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए बाड़ा, तलवाड़ा और अन्य प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं. मंडी के जेलरोड में कुछ गाड़ियां सड़क से नीचे गिरी हैं. वहीं, पंचवक्त्र मंदिर के आंगन तक रात को पानी पहुंचा था. लेकिन अब पानी का स्तर कम हो गया. अहम बात है कि कुल्लू में बारिश कम हुई है. इस वजह से पानी का स्तर कम हुआ है. आधी रात को पंडोह बाजार में पानी घुसा था और लोगों ने सड़कों पर रात काटी है. चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे 15 घंटे से बंद है. मंडी के सदर उपमंडल के पैलेस कॉलोनी क्षेत्र में जलभराव के कारण 11 लोगों को ब्यास सद्दा स्थित राहत शिविर में शिफ्ट किया गया है.

मंडी के धर्मपुर की उपतहसील मंडप के जंदवाल गांव में खेतों का हाल.
सुंदरनगर में भी 9 लोग लापता हैं
सुंदरनगर उपमंडल के सिवाली गांव में बादल फटने की घटना में दो मकान पूरी तरह बह गए हैं और 9 लोग लापता बताए जा रहे हैं. बगा गांव में मकान गिरने की घटना में 6 लोग फंसे, जिनमें से 4 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 2 अब भी लापता हैं. बसी क्षेत्र में भी दो व्यक्ति मलबे में फंसे हुए हैं, जिनके लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. टल्लूवा गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्य लापता हैं, जबकि एक बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया है. थुनाग उपमंडल में भारी बारिश के चलते संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है. SDRF की टीम को राहत कार्य के लिए रवाना किया गया है.
करसोग उपमंडल के कुटी क्षेत्र में नदी किनारे 7 लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें NDRF की टीम द्वारा रेस्क्यू किया जा रहा है. वहीं, पुराने बाजार में 4 लोग लापता हैं और एक शव बरामद किया गया है. इसके अलावा रिक्की क्षेत्र से 7 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और करसोग के राजकीय डिग्री कॉलेज से 12 छात्राओं व 4 महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है.

करसोग में आया फ्लैश फ्लड.
जिले के धर्मपुर उपमंडल के लौगणी और स्याडी गांव में अलग अलग जगह बादल फटने से 2 मकान ढह गए, 5 गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुईं और 26 मवेशियों (10 बकरी, 15 खच्चर और 1 गाय) की मौत हुई है. हालांकि जानमाल की कोई क्षति नहीं हुई है. भड़यारा गांव में भी 4 मकान और 3 गौशालाएं ढह गई हैं, लेकिन यहां भी किसी व्यक्ति की जान नहीं गई.
बल्लचौकी उपमंडल के मंगलौर ब्रिज को फ्लैश फ्लड से नुकसान पहुंचा है, जिससे पुल की किनारे की दीवार टूट गई है. मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है. चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर टनल नंबर 11 और 13 में भारी बारिश के कारण यात्री सुरंगों में फंसे हुए हैं. उन्हें राजस्व विभाग द्वारा भोजन और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है. कोटली उपमंडल से धर्मपुर को जाने वाले निर्माणाधीन हाईवे पर भी जगह जगह लैडस्लाइड हुआ है.
कांगड़ा और मंडी और हमीरपुर में बारिश
मंडी में स्कूल बंद किए गए हैं. वहीं, कांगडा और हमीरपुर में भी शैक्षणिक संस्थानों को बंद किया गया है. हमीरपुर में लगातार भारी बारिश के कारण ब्लाह गांव में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए थे और जंगल बेरी की पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और लोगों को रेस्क्यू किया है. फिलहाल, हिमाचल प्रदेश को पांच जुलाई तक बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं है.

मंडी के कोटली के पास हाईवे का हाल.
30 जून का आंकड़ा
हिमाचल में भारी बारिश से 10 दिनों में मौत का आंकड़ा 44 पहुंच गया है. आपदा प्रबंधन ने 30 जून शाम छह बजे की रिपोर्ट जारी की है. हालांकि, 1 जुलाई को ज्यादा नुकसान हुआ है. जिसका आंकड़ा आना बाकी है.



