
हिमाचल प्रदेश भाजपा में लम्बे समय से चल रहा नेतृत्व को लेकर संशय आज समाप्त हो गया। डॉ. राजीव बिंदल ने तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष का पदभार संभालकर एक नया इतिहास रच दिया है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश भाजपा में लम्बे समय से चल रहा नेतृत्व को लेकर संशय आज समाप्त हो गया। डॉ. राजीव बिंदल ने तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष का पदभार संभाल लिया है। वे हिमाचल भाजपा के पहले ऐसे नेता बन गए हैं, जिन्हें तीन बार इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन करने का अवसर मिला है। उनकी यह ताजपोशी 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी के विश्वास और निरंतरता बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
केंद्रीय मंत्री ने की औपचारिक घोषणा
सोमवार को नामांकन प्रक्रिया में डॉ. राजीव बिंदल ने अकेले ही नामांकन पत्र दाखिल किया, जिससे उनका निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया था। आज मंगलवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शिमला के पीटरहॉफ में औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की। इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बिंदल के निर्विरोध चुने जाने से यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व दोनों का उन पर पूरा भरोसा है।
डॉ. राजीव बिंदल का राजनीतिक सफर
डॉ. राजीव बिंदल का राजनीतिक सफर लंबा और प्रभावशाली रहा है। जनवरी 1955 में जन्मे बिंदल 5 बार विधानसभा सदस्य रह चुके हैं। धूमल सरकार में उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री का पद संभाला था, वहीं 2017 में भाजपा सरकार बनने पर उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया। संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यकुशलता किसी से छिपी नहीं है। 18 जनवरी, 2020 में उन्होंने पहली बार प्रदेश अध्यक्ष का पद संभाला था, हालांकि उस समय उन्हें चार महीने बाद ही पद छोड़ना पड़ा, लेकिन अप्रैल 2023 में पार्टी ने एक बार फिर उन पर विश्वास जताया और उन्हें दोबारा कमान सौंपी। अब यह तीसरी बार है जब उन्हें यह अहम जिम्मेदारी दी गई है।



