हिमाचल प्रदेश की सड़कों और पुलों की गुणवत्ता जांच होगी। इस जांच के लिए 31 मार्च 2026 तक का लक्ष्य दिया है। विस्तार से जानें…

हिमाचल प्रदेश की 431 सड़कों और 94 पुलों की गुणवत्ता जांच होगी। सड़कों की गुणवत्ता निगरानी में ढील को उजागर कर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस जांच के लिए 31 मार्च 2026 तक का लक्ष्य दिया है। केंद्र ने दो टूक कहा है कि पूर्व में संतोषजनक गुणवत्ता जांच करने वाले स्टेट क्वालिटी मॉनिटर्स (राज्य गुणवत्ता पर्यवेक्षक) को यह काम दिया जाए।
इस संबंध में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी के महानिदेशक अमित शुक्ला ने राज्य सरकार के सचिव अभिषेक जैन को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निष्पादित कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में राज्य और राष्ट्रीय गुणवत्ता मॉनिटर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। गुणवत्ता में सुधार को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए यह अनिवार्य है कि कार्य के प्रत्येक खंड का निर्माण के स्पष्ट रूप से परिभाषित चरणों में कम से कम तीन बार निरीक्षण किया जाए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मैनुअल में इस तरह की व्यवस्था है।
एजेंसी ने 27 दिसंबर 2023 के डीओ के माध्यम से राज्य गुणवत्ता मॉनिटरों के प्रदर्शन मूल्यांकन पर व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निरीक्षण कार्य केवल उन्हीं मॉनिटरों को आवंटित किए जाने चाहिए, जिन्हें प्रदर्शन स्थापित मूल्यांकन ढांचे के तहत संतोषजनक दर्जा दिया गया है। राज्य गुणवत्ता समन्वयकों को कहा गया है कि वह अपने संबंधित राज्यों में मॉनिटर गतिविधियों की सक्रिय रूप से निगरानी करें। यह सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक वार्षिक कार्ययोजना तैयार करें कि आवश्यक संख्या में निरीक्षण पूरे हो जाएं। एजेंसी की ओर से इन लक्ष्यों की नियमित अंतराल पर कड़ाई से निगरानी की जाएगी।



