
थुनाग उपमंडल में सदी की भीषण आपदा आई है। एक किलोमीटर आगे क्या हुआ कुछ पता नहीं चल पा रहा है। थुनाग बाजार में लगभग 150 मकान और दुकानें जमींदोज हो गई है। थुनाग बाजार में 6 शव बरामद किए गए हैं, एक लापता है। देजी पखरैर से 11 लोग लापता बताए जा रहे हैं। जरोल बाजार भी बर्बाद हो गया है, यहां एक शव मिला है। पांडवशीला में एक शव मिला है, जबकि दो लापता हैं। पुलिस की टीम जंजैहली से पांडवशीला तक पहुंच पाई है। एसडीआरएफ की टीम बगस्याड़ तक पहुंच पाई है। मोबाइल नेटवर्क न होने से सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। उपमंडल की सभी सडक़ें जगह-जगह पर बह गई हैं। लगभग सभी पुल ध्वस्त हो चुके हैं। बिजली-पानी योजनाएं ध्वस्त हो गई हैं।
लोगों के सामने राशन का गंभीर संकट मंडरा गया है। प्रारंभिक इनपुट के आधार पर थुनाग उपमंडल में लगभग 400 से ज्यादा रिहायशी मकान आंशिक और पूर्णत: क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लोग खुले में रहने को विवश हैं। अस्पताल, स्कूल और अन्य सरकारी भवन आपदा की चपेट में है। इन्हें बहाल करने में महीनों लगेंगे। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायुसेना से आग्रह किया है कि हवाई मार्ग से राशन, दवाएं और अन्य जरूरी सामान प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जाए। सबसे ज्यादा दिक्कत सराज और करसोग में हो रही है। दोनों जगह बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है और संपर्क मार्ग पूरी तरह से कट चुके हैं। स्यांज से लापता एक और बच्चे का सब कांडापतन ब्यास में मिला है । आपदा में मरने वालों का आंकड़ा 16 हुआ है ।



