
हिमाचल प्रदेश में कम और जीरो इनरोलमैंट वाले 546 सरकारी स्कूलों को बंद और मर्ज करने की तैयारी की जा रही है। इसको लेकर विभाग ने स्कूलों में मौजूदा इनरोलमैंट के आधार पर नया प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है….
शिमला : हिमाचल प्रदेश में कम और जीरो इनरोलमैंट वाले 546 सरकारी स्कूलों को बंद और मर्ज करने की तैयारी की जा रही है। इसको लेकर विभाग ने स्कूलों में मौजूदा इनरोलमैंट के आधार पर नया प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है, ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस पर फैसला लिया जा सकता है। इसके तहत प्रदेश में जीरो इनरोलमैंट वाले 103 स्कूल बंद करने तथा 10 छात्रों वाले 443 स्कूलों को मर्ज करने का प्रस्ताव है। विभाग ने मंजूरी के लिए सरकार को यह प्रस्ताव भेज दिया है। अब स्कूल मर्ज व बंद करने का अंतिम फैसला सरकार लेगी। इस दौरान 2 किलोमीटर से लेकर 5 किलोमीटर तक कम इनरोलमैंट वाले स्कूलों को मर्ज करने की योजना है। 10 छात्र संख्या वाले स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। इस दौरान 72 प्राइमरी, 28 मिडल और 3 हाई स्कूलों में जीरो इनरोलमैंट है।
203 प्राथमिक स्कूलाें में छात्रों की संख्या 5 से कम
प्रदेश में 203 प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं, जहां छात्रों की संख्या 5 या इससे कम है। इन स्कूलों को 2 किलोमीटर के दायरे में आने वाले अन्य स्कूलों में मर्ज करना है। 5 से कम छात्र संख्या वाले 142 प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं, जिनके 2 किलोमीटर के दायरे में कोई भी दूसरा स्कूल नहीं है। ऐसे में इन स्कूलों को 3 किलोमीटर की दूरी वाले स्कूलों में मर्ज करने का प्रस्ताव भेजा गया है। 92 मिडल स्कूलों में 10 या इससे कम विद्यार्थी हैं, इन्हें 3 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले स्कूलों में मर्ज करने की सिफारिश की गई है। 20 छात्र संख्या वाले 7 उच्च स्कूलों को 4 किलोमीटर के दायरे में मर्ज करने और 5 से 10 छात्र संख्या वाले 39 हाई स्कूलों का दर्जा कम कर मिडल स्कूल बनाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा कम छात्र संख्या वाले 73 उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों का दर्जा कम करने की सिफारिश भी की गई है। उच्च व वरिष्ठ स्कूलों को मर्ज करने के लिए 5 किलोमीटर तक की दूरी तय की जा सकती है।
78 ब्वाॅयज और गर्ल्ज स्कूल को क्लब करने की भी है योजना
प्रदेश में अब ब्वाॅयज और गर्ल्ज स्कूल को क्लब किया जाएगा। इस दौरान कम इनरोलमैंट वाले ऐसे 78 स्कूलों को क्लब करने की योजना है। हालांकि इन स्कूलों में जमा-1 और जमा-2 की इनरोलमैंट के साथ-साथ शिक्षकों की स्थिति का जायजा लेने के बाद इसमें फाइनल प्लान बनेगा। जिन स्कूलों में दाखिले अधिक होंगे, वहां कला, मेडिकल और नॉन-मेडिकल की कक्षाएं चलेंगी।



