
सेब पौध की खरीद में गिरफ्तारियां शुरू
चंबा चुराह उपमंडल की सनवाल पंचायत में करोड़ों रुपए के सेब के पौधों के गड़बड़झाले के मामले में नामजद आठ आरोपियों की हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई है। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए धरपकड़ आरंभ कर दी है। पुलिस अब आरोपियों को गिरफ्तार कर इस गड़बड़झाले के अनसुलझे पहलुओं से पर्दा हटाएगी। उल्लेखनीय है कि करीब सात माह पहले पुलिस ने सनवाल पंचायत में मनरेगा के तहत करोड़ों रुपए के सेब के पौधों की खरीद में धांधली की शिकायत पर पंद्रह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी थी। मामले की आरंभिक जांच में सेब के पौधों की खरीद में अनियमितताएं बरतने के पुलिस को ठोस साक्ष्य हाथ लगे थे। इसी बीच मामले में नामजद आठ आरोपियों सनवाल पंचायत के प्रधान मोहन लाल, उपप्रधान पूजा देवी, पूर्व जिप सदस्य कर्म चंद ठाकुर, तत्कालीन जेई राजकुमार, तत्कालीन पंचायत सचिव महिंद्र सिंह, ग्राम रोजगार सेवक महिंद्र और वेंडर बेग मोहम्मद व विजय भारद्धाज ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत हासिल कर ली।
मामले में पुलिस ने कागजी औपचारिकताएं निपटाने के बाद हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को सही पाते हुए आरोपियों की अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया है। आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर फील्ड में उतर गई है। उधर, एसपी चंबा अभिषेक यादव ने बताया कि सनवाल पंचायत में सेब के पौधों के गड़बड़झाले में नामजद आठ आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह था मामला
ग्राम पंचायत सनवाल में वर्ष 2022 में सेब बागीचा निर्माण के आठ विभिन्न कार्यों के लिए एक करोड़ 17 लाख सोलह हजार 32 रुपए स्वीकृत हुए थे, मगर पंचायत प्रतिनिधियों ने इस कार्य में अनियमितताएं बरतीं। इस मामले के उजागर होने के बाद विभिन्न एजेंसियों ने मामले की जांच भी की। प्रशासनिक जांच के बाद इस मामले को लेकर सनवाल पंचायत प्रधान को उपायुक्त ने निष्कासित कर दिया। इसी बीच तीन जनवरी को यह मामला पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस ने इस मामले में नामजद पंद्रह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर रखी है। पुलिस की जांच के दौरान करोडों रूपए के इस गडबडझाले में कई अहम सुराग हाथ लगे। इसी बीच आठ आरोपियों ने हाई कोर्ट से पुलिस की गिरफतारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत हासिल कर ली। इस बीच सरकार ने सेब पौधों की खरीद में गड़बड़झाले को लेकर तत्कालीन खंड विकास अधिकारी को भी सस्पेंड कर दिया था।



