
धरना-प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों के साथ हुई थी धक्का-मुक्की
बिलासपुर
जिला मुख्यालय में गत बुधवार को धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से टकराव के मामले में पूर्व विधायक बंबर ठाकुर कानूनी कार्रवाई की जद में आ गए हैं। एएसपी शिव चौधरी की शिकायत पर उनके खिलाफ ड्यूटी से रोकने के लिए आपराधिक बल प्रयोग करने, जानबूझ कर चोट पहुंचाने, शांति भंग करने के लिए उकसाने तथा अपमानित करने पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। गत बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के बिलासपुर आगमन के समय पूर्व विधायक बंबर ठाकुर अपने समर्थकों के साथ नारेबाजी करते हुए डीसी को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। जेपी नड्डा के सर्किट हाउस पहुंचने का रास्ता वही था, जिस पर पूर्व विधायक आगे बढ़ रहे थे। विवाद की आशंका के चलते वीआईपी मूवमेंट और जेड सिक्योरिटी का तर्क देते हुए अधिकारियों ने उन्हें उस रास्ते से जाने से रोकना चाहा, लेकिन वह उन्हें अनसुना करते हुए आगे बढ़ते रहे।
इस दौरान पहले एसडीएम और उसके बाद एएसपी के साथ धक्कामुक्की भी हुई। बाद में वह डीसी ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए थे। हालांकि सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने समय रहते जेपी नड्डा का रूट बदल दिया था, जिसके चलते वह बस स्टैंड रोड से होते हुए सर्किट हाउस पहुंचे थे। अब ताजा घटनाक्रम में एएसपी शिव चौधरी की शिकायत पर बंबर ठाकुर के खिलाफ सदर थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। एएसपी के अनुसार उन्हें ड्यूटी से रोकने के लिए आपराधिक बल प्रयोग करते हुए छाती से पीछे धकेला गया। उधर, डीएसपी हैडक्वार्टर मदन धीमान ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।



