मनाली में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि एक पावर प्रोजेक्ट के पूर्व निदेशकों ने कंपनी के कर्ज के नाम पर 10.50 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है।

हिमाचल प्रदेश के थाना मनाली में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि एक पावर प्रोजेक्ट के पूर्व निदेशकों ने कंपनी के कर्ज के नाम पर 10.50 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है। जानकारी के अनुसार पलचान भाग पावर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक चमनदीप ने आरोप लगाया कि पूर्व निदेशकों आशीर्वाद अग्रवाल, श्रीधर रामाकृष्णन बंगलूरू और सीएएन सुब्रमन्या भाट ने कंपनी को ठगने का प्रयास किया। इन्होंने कंपनी की बैलेंस शीट में लोन की राशि ज्यादा आई दिखाई। 2024 में जुलाई, अगस्त व सितंबर में कंपनी से 5.77 करोड़ और 24 प्रतिशत सालाना ब्याज की दर से 10.50 करोड़ रुपये मांगे, जबकि मांगी गई यह राशि कभी भी कंपनी के खाते में जमा नहीं की। आरोप है कि इन लोगों ने काफी सारी राशि अपने लोगों और अपने खाते में डाली। डीएसपी केडी शर्मा ने बताया कि जांच शुरू कर दी है।
मणिकर्ण में पुलिस को चकमा दे आरोपी फरार
वहीं चरस तस्करी के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति पुलिस को चकमा देकर भाग गया। पुलिस उसे निशानदेही के लिए मणिकर्ण के छलाल लाई थी। आरोपी ने पुलिस कर्मियों को धक्का दिया और भाग गया। पुलिस ने पीछे किया तो उन पर पथराव शुरू कर दिया। एंटी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो कुल्लू की टीम ने 3 जुलाई को भुंतर-मणिकर्ण मार्ग पर जय नाला के पास 22 वर्षीय दिनेश बिक्का निवासी जागरकोट, थाना आंचल भेरी नेपाल को 1 किलो 885 ग्राम चरस के साथ पकड़ा था। इसके बाद मामला पुलिस को सौंपा था। पुलिस शनिवार शाम उसे निशानदेही के लिए छलाल क्षेत्र लाई थी। आरोपी पुलिस को चकमा देकर भाग गया। पुलिस ने क्षेत्र में उसकी धरपकड़ के लिए टीमें लगा दी हैं। शाम तक आरोपी का पता नहीं चला है। एएसपी कुल्लू संजीव चौहान ने बताया कि फरार चल रहे आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस लगी है। उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।



