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आपदा से अब तक 1,200 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त, 52 लोग अभी लापता, जानें माैसम पूर्वानुमान

हिमाचल प्रदेश के प्राकृतिक आपदा में 1,200 से ज्यादा मकानों को आंशिक और पूर्ण रूप से नुकसान पहुंचा है। उधर, 30 जून की रात को एक साथ कई जगह बादल फटने के बाद मंडी जिले में आपदा में मरने वालों की संख्या 19 पहुंच गई है।

जंजैहली के पांडवशीला के समीप आपदा के बाद तबाही का मंजर। 

हिमाचल प्रदेश के कई भागों में बारिश का दाैर लगातार जारी है। प्रदेश में 202 सड़कें, 217 बिजली ट्रांसफार्मर और 143 पेयजल योजनाएं अभी भी बाधित हैं। आपदा में 1,200 से ज्यादा मकानों को आंशिक और पूर्ण रूप से नुकसान पहुंचा है। उधर, 30 जून की रात को एक साथ कई जगह बादल फटने के बाद मंडी जिले में आपदा में मरने वालों की संख्या 19 पहुंच गई है। 52 लोग अभी भी लापता हैं। सेना के जवानों ने 222 लोगों को सुरक्षित निकाला है। 

मंडी जिले में 466 घर तबाह
मंडी जिले में 466 घर, 457 पशुशालाएं और 92 दुकानें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। 466 मवेशियों की मौत हो गई है। अभी भी 291 पेयजल योजनाएं ठप हैं।  करसोग में  बादल फटने से आई बाढ़ की चपेट में आने से लापता ललित कुमार का शव आठ दिन बाद मंगलवार को करला के पास सतलुज नदी से बरामद हुआ। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ का लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चल रहा है। आईटीबीपी के 26 जवानों की 2 टीमें मंगलवार को आपदा से पूरी तरह कट चुके थुनाग क्षेत्र की पंचायत रोड़ के झुगांध और ढनियार गांव पहुंचीं। 

जानें 15 जुलाई तक कैसा रहेगा माैसम
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 9, 10, 13, 14 और 15 जुलाई को राज्य में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।  दिनांक 11 और 12 जुलाई को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं अगले 4-5 दिनों के दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। वहीं बीती रात को नाहन में 70.0, नंगल बांध 36.0, दौलाकुआं 29.0, देहरा गोपीपुर 29.0, ओलिंडा 27.6, आरएल बीबीएमबी 21.0, गोहर 20.0 व रोहड़ू में 20.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

आपदा राहत अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा: जगत सिंह नेगी
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश में 202 सड़कें अवरुद्ध हैं, 217 बिजली ट्रांसफर बंद हैं और 143 पेयजल योजनाएं भी बंद हैं। 1,200 से ज्यादा मकानों को आंशिक और पूर्ण रूप से नुकसान पहुंचा है। कहा कि आपदा राहत अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। रास्ते बंद थे, जिन्हें युद्ध स्तर पर खोला गया है। जंजैहली से करसोग के लिए रास्ता खोला गया और वहां फंसे पर्यटकों को बाहर निकाला गया। इस मानसून सीजन में आपदा से अब तक प्रदेश को 700 करोड़ का नुकसान हो चुका है।

Kullu Update
Author: Kullu Update

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