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 जहां लापता हुए थे 11 लोग, वहां पहुंचे जयराम, खतरनाक पहाड़ी रास्तों से किया सफर

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सराज विधानसभा क्षेत्र के पखरेर पंचायत के डेजी गांव पहुंचे। आपदा की शुरुआत यहीं से हुई थी। यहां से 11 लोग लापता हैं और अभी तक किसी को भी खोजा नहीं जा सका है। आपदा की वजह से इस जगह की सिर्फ मुख्य सडक़ंे ही नष्ट नहीं हुई हैं, बल्कि पैदल चलने वाले रास्ते भी पूरी तरीके से तबाह हो गए हैं। इन्हीं खतरनाक रास्तों से पांच किलोमीटर कठिन चढ़ाई वाले रास्तों से चलकर जयराम ठाकुर पखरेर पंचायत के डेजी गांव पहुंचे। वहां पहुंच कर उन्होंने आपदा प्रभावित लोगों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। यहां पहुंचने के बाद जयराम ठाकुर ने कहा कि वहां की स्थिति बहुत भयानक है। एक ही गांव से 11 लोग लापता हैं।

उनका अभी तक कोई पता नहीं चला है। यहां पर प्रशासन के आला अधिकारी भी नहीं पहुंचे हैं। लोगों को आठ दिनों बाद भी फ ौरी राहत नहीं मिल पाई है। मंगलवार सुबह जयराम ठाकुर थुनाग पहुंचे और रास्ते खोलने, बिजली और पेयजल योजनाएं बहाल करने के कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने बगस्याड़, थुनाग पहुंचकर प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री बांटी।

160 किलोमीटर पैदल चल चुके नेता प्रतिपक्ष

थुनाग — मानसून की मार से छिन्न-भिन्न हो चुके सराज विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पीडि़तों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए दिन-रात पैदल सफर कर रहे हैं। कारण यह कि बारिश की मार से सराज की सडक़ें ही नहीं, अधिकतर पैदल रास्ते भी वजूद खो चुके हैं। दो जुलाई की सुबह पूर्व मुख्यमंत्री पंडोह की समीप झूला पुल के जरिए अपने विधानसभा क्षेत्र में पैदल दाखिल हुए और उसके बाद से उनकी पैदल यात्रा लगातार जारी है। आलम यह है कि वह पिछले एक हफ्ते में 160 किलोमीटर से अधिक पैदल चलकर पीडि़तों का दुख-दर्द बांट रहे हैं।

अनवरत अभियान के तहत वह बार वार परवाड़ा, थुनाग, कांडा, बगस्याड़, लंबाथाच, जंजैहली और डेजी पखरैर आदि स्थानों तक पहुंच चुके हैं। इस दौरान वह न केवल दुखियों के आंसू पोंछ रहे हैं, बल्कि कार्यकर्ताओं व अन्य संदर्भों के माध्यम से सराज के लोगों के लिए आवश्यक राहत सामग्री भी मंगवा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने दो मर्तबा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एक बार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से दूरभाष पर बात की। इसके बाद तुरंत वायुसेना और आईटीबीपी ने राहत पहुंचाने का जिम्मा संभाल लिया।

Kullu Update
Author: Kullu Update

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