
सडक़ पर जगह-जगह गड्ढे पडऩे से पर्यटकों को करना पड़ रहा दिक्कतों का सामना, जल्द मांगा समस्या का समाधान
कुल्लू
धार्मिक एवं पर्यटन नगरी मणिकर्ण में मुख्य पर्यटन स्थल कसोल और मणिकर्ण के बीच सडक़ की हालात दयनीय है। सडक़ कई जगह गड्ढों में तबदील हो गई है। कसोल और मणिकर्ण के बीच सडक़ की दयनीय हालात सरकार, लोक निर्माण विभाग की अनदेखी की पोल खोल कर रही है। जहां कसोल और मणिकर्ण के बीच का हिस्सा चकाचक होना चाहिए था, लेकिन लंबे समय से पर्यटक और स्थानीय लोग हिचकोले खा रहे हैं। लेकिन समस्या का हल करने में विभाग कोई उचित कदम नहीं उठा रहा है। इन दिनों भी कसोल शुरू होने से पहले से लेकर मणिकर्ण तक सडक़ बदहालत में हैं।
हालांकि इन दिनों घाटी में पर्यटक बहुत कम हैं। लेकिन पर्यटन सीजन में कसोल और मणिकर्ण के बीच हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। यहां पहुंचकर वाहनों में ही नहीं बल्कि पर्यटक पैदल भी घूमने के लिए निकल जाते हैं। लेकिन सडक़ पर पड़े गड्ढों में भरा पानी वाहन चलने से पैदल चल रहे लोगों पर भी कई बार पड़ जाते हैं। पर्यटकों को कसोल और मणिकर्ण के बीच की देवदार के बीच की छांव में पैदल सफर करना पसंद आता है। भीड़ में पर्यटक यहां पर घूमते नजर आते हैं। सडक़ों की हालात से पर्यटक परेशान होते हैं, लेकिन समस्या को लेकर विभाग कोई उचित कदम नहीं उठा रहा है। -एचडीएम
हिचकोलों वाली सडक़ से गुजरते हैं वाहन
बता दें कि कसोल के समीप ही साडा बैरियर है। यहां पर बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक वाहनों की साडा की पर्ची कटती है। लेकिन साडा बैरियर क्रास करते ही पर्यटक वाहनों को हिचकोलों वाली सडक़ से गुजरना पड़ता है। सूमारोपा से लेकर कसोल, मणिकर्ण, बरशैणी तक सडक़ की दशा खराब है।
सौंदर्यीकरण को कर रही है फीका
बता दें कि सूमारोपा से लेकर कसोल, मणिकर्ण से थोड़ा पीछे एनएचपीसी कालौनी तक शीतल देवदार के पेड़ से सुंदर वातावरण दिखता है। लेकिन इन पेड़ों के बीच से गुरने वाली उबड़-खाबड़ सडक़ सौंदर्यीकरण को फीका कर रही है।



