भारत सरकार ने चिनाब नदी पर क्वार बांध के निर्माण के लिए 3,119 करोड़ रुपये का ऋण मांगा है. जनवरी 2024 में चिनाब नदी का डायवर्जन हासिल किया गया. परियोजना का कुल खर्च 4,526 करोड़ रुपये है.

हाइलाइट्स
- मोदी सरकार ने चिनाब नदी पर क्वार बांध के लिए 3,119 करोड़ का ऋण मांगा.
- चिनाब नदी का मोड़ जनवरी 2024 में हासिल किया गया.
- परियोजना का कुल खर्च 4,526 करोड़ रुपये है.
भारत सरकार जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ में चेनाब नदी पर अहम क्वार डैम यानी बांध के निर्माण में तेजी लाने के लिए 3,119 करोड़ रुपये का ऋण मांग रही है. यह एक ग्रीनफील्ड स्टोरेज टाइप परियोजना होगी, जो सिंधु जल संधि पर भारत के रोक के बाद पाकिस्तान को होने वाले पानी के प्रवाह को प्रभावित कर सकती है. पहलगाम अटैक के बाद भारत ने पाकिस्तान को झटका देते हुए सिंधु जल समझौता रद्द कर दिया था.
चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (CVVPL) ही इस प्रोजेक्ट को अंजाम दे रहा है. यह NHPC लिमिटेड और जम्मू और कश्मीर स्टेट पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड का ज्वाइंट वेंचर है. सीवीवीपीएल (CVVPL) ने अब विभिन्न वित्तीय संस्थानों और बैंकों से 3,119 करोड़ रुपये का टर्म लोन जुटाने के लिए सबसे प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें मांगी हैं ताकि 540 मेगावाट क्वार हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को आंशिक रूप से वित्तपोषित किया जा सके. CNN-News18 को पता चला है कि यह परियोजना निर्माणाधीन है और इसकी कुल लागत 4,526 करोड़ रुपये की है.
क्या है मील का पत्थर
इस परियोजना का प्रमुख पड़ाव चिनाब नदी का डायवर्जन यानी जलमार्ग मोड़ना है, जो जनवरी 2024 में पूरा हुआ. यह परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि इसने मुख्य बांध निर्माण कार्यों के शुरू होने का मार्ग प्रशस्त किया है जो प्रगति पर हैं. इसके अलावा इस अवधि के दौरान परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर कार्य शुरू किए गए थे, जिनमें सबसे उल्लेखनीय 609 मीटर लंबी मुख्य एक्सेस यानी पहुंच सुरंग की खुदाई की शुरुआत थी. नदी का जलमार्ग मोड़ना हर हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना के लिए एक अहम पड़ाव होता है और यह एक महत्वपूर्ण घटना है क्योंकि बांध का निर्माण कार्य बाद में शुरू किया गया.
प्रोजेक्ट की खासियत जानिए
यह प्रोजेक्ट जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में चिनाब नदी पर स्थित है. इसमें 109 मीटर ऊंचे कंक्रीट ग्रेविटी बांध का निर्माण शामिल है और इसका सालाना उत्पादन 1975 मिलियन यूनिट होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल 2022 को इस परियोजना की आधारशिला रखी थी. सरकार 2027 तक क्वार हाइड्रो इलेक्ट्रिक को शीघ्र पूरा करने के लिए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में ऊर्जा की उपलब्धता में सुधार होगा जिससे देश और विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के औद्योगिक विकास को और गति मिलेगी. यह परियोजना किश्तवाड़ से लगभग 28 किमी दूर स्थित है.



