Search
Close this search box.

सौ करोड़ की फर्जी जीएसटी बिलिंग का भंडाफोड़, हिमाचल, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर तक फैला जाल

परवाणू से चला फर्जीवाड़े का नेटवर्क; हिमाचल, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर तक फैला जाल

जीएसटी विभाग ने एक बेहद संगठित और बहु-राज्यीय फर्जी बिलिंग रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसमें परवाणू स्थित एक टैक्सपेयर द्वारा करीब 100 करोड़ रुपए का फर्जी कारोबार खड़ा कर सरकार को भारी चूना लगाया गया। इस मामले की तह में जाते हुए अब यह खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर तक फैला हुआ था और इसमें 27 से अधिक बड़े लाभार्थी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। राज्य कर एवं आबकारी विभाग व जीएसटी विंग दक्षिण ज़ोन के संयुक्त आयुक्त जीडी ठाकुर ने बताया कि विभागीय जांच में सामने आया है कि आरोपी ने फर्जी जीएसटीआईएन प्राप्त कर न केवल बिलिंग की, बल्कि भारी मात्रा में इनपुट टैक्स के्रडिट का गलत लाभ उठाया। उन्होंने बताया की इसका पहला चरण 2017-18 से 2022-23 तक फर्जी बिलों की डोर-टू-डोर डिलीवरी तक पाया गया। जीएसटी विभाग के दक्षिण जोन परवाणू ने अप्रैल, 2022 में इस फर्जीवाड़े का सुराग पकड़ा था। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आरोपी रेलवे आपूर्तिकर्ता के रूप में शुरू होकर 32.02 करोड़ का कारोबार कर चुका था, जिसमें 2.29 करोड़ का टैक्स देय था।

इस दौरान जारी डिमांड ऑर्डर 103732761 एवं फर्जी लेन-देन की कुल राशि 100 करोड़ के आसपास है जो ब्लॉक आईटीसी 47260374, जो कि सरकार के खाते में जमा हो चुका है। संयुक्त आयुक्त जीडी ठाकुर ने बताया कि इस टैक्सपेयर द्वारा स्थानीय स्क्रैप डीलर को फर्जी सप्लाई के एवज में 14.66 करोड़ का कर, ब्याज और जुर्माने का नोटिस दिया गया, जिसमें 1.14 करोड़ की वसूली की जा चुकी है। वहीं हाई कोर्ट ने विभाग की कार्रवाई को पूरी तरह वैध ठहराया। इस फर्जीवाड़े का दूसरा चरण वर्ष 2023-24 से 2025-25, जो अब सीजीएसटी की रडार पर है। जीडी ठाकुर ने बताया कि इसी टैक्सपेयर ने परवाणू स्थित अपनी फर्म से 63.36 करोड़ का कारोबार किया, जिसकी जांच अब सीजीएसटी चंडीगढ़ विंग द्वारा की जा रही है। (एचडीएम)

यह रही विभागीय कार्रवाई

विभागीय कार्रवाई में दो डीलरों ने स्वेच्छा से आठ करोड़ का आईटीसी रिवर्स किया, वहीं एक का जीएसटीआईएन डीजीजीआई की सिफारिश पर रद्द कर दिया गया। इसके साथ एक और अन्य का जीएसटीआईएन सस्पेंड कर नोटिस जारी किया गया, दोनों परवाणू के ही हैं।

Kullu Update
Author: Kullu Update

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज