
बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी बोले, आपदा को देखते हुए लिया फैसला, तुरंत लागू
छात्रों को एग्जाम के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा, नई एडमिशन प्रभावित नहीं होगी
बाढ़ से डरे छात्र और अभिभावक एक दिन पहले ही सचिवालय में मिले थे मंत्री से
मंडी जिला के सराज विधानसभा क्षेत्र में स्थापित कालेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फोरेस्ट्री थुनाग को तुरंत प्रभाव से सुंदरनगर शिफ्ट किया जा रहा है। राज्य सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि छात्रों को प्राकृतिक आपदा के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री से चर्चा करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार इस कालेज को बंद नहीं कर रही, बल्कि इसे सिर्फ शिफ्ट किया जा रहा है। बागबानी मंत्री ने बताया कि करीब 300 छात्र-छात्राएं वहां पढ़ाई कर रहे थे और 30 जून को आपदा की रात जागते रहने की वजह से उनकी जान बच पाई। बाद में जैसे-तैसे पैदल चलकर ये वहां से निकले और बुधवार को राज्य सचिवालय में उनसे भी मिले थे। बागबानी मंत्री ने कहा कि थुनाग के इस कालेज में अभी इन्फ्रास्ट्रक्चर उस तरह का नहीं है। रूरल डिवेलपमेंट ट्रेंनिंग सेंटर में यह कालेज चल रहा है और सीनियर सेकेंडरी स्कूल का स्पेस भी लिया हुआ है। एक निजी भवन में केवल सात लड़कियों के लिए होस्टल चल रहा है।
प्राकृतिक आपदा के बाद यूनिवर्सिटी ने 14 जुलाई तक यहां छुट्टियां घोषित कर दी थीं, लेकिन बच्चे और अभिभावक दोबारा वहां वापस जाने को तैयार नहीं हैं। थुनाग में इस कालेज के लिए कोई विकल्प के रूप में स्थान भी नहीं है, जो सुरक्षित हो। इसलिए इस कालेज को शिफ्ट करना पड़ रहा है। बागबानी मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए छात्र-छात्राओं के लिए एग्जाम की तैयारी करने को थोड़ा और समय दिया जाएगा। यूनिवर्सिटी को इस बारे में एग्जाम शेड्यूल बदलने को कहा गया है। नए सत्र की 100 सीटों पर होने वाली नई भर्ती प्रभावित नहीं होगी। इस एडमिशन प्रक्रिया को तय समय सारणी के अनुसार पूरा किया जाएगा।



