
भगवान श्रीराम और माता नैणा के साथ हुआ भव्य देव मिलन; हारियानों ने भी लगाई आस्था की डुबकी, पेश की कुल्लवी नाटी
माता भागासिद्ध पीणी ने गुरुवार 26 आषाढ़ को धार्मिक तीर्थ स्थल मणिकर्ण में शाही स्नान किया। माता नौ जुलाई को धार्मिक स्थल मणिकर्ण अपने हारियानों संगे पहुंची थी। यहां पर माता भागासिद्ध और धार्मिक स्थल मणिकर्ण में विराजमान माता नैणी का भव्य देव मिलन हुआ। इसके बाद दोनों देवी मां संग कारकून और हारियानों ने कुल्लवी नाटी पेश की, जो आकर्षण का केंद्र रही। इससे पहले माता भागासिद्ध रामंदिर गईं और यहां पर भगवान श्रीराम से मिलन किया। इसके बाद माता नैणा के साथ भव्य देव मिलन हुआ। वहीं 10 जुलाई को सुबह माता भागासिद्ध ने तीर्थ स्थल मणिकर्ण में शाही स्नान कियाा। वहीं, इसके बाद देव स्थल में माता की पूजा-अर्चना हुई। इस दौरान काफी संख्या में माता के पूरे हारियानों के साथ-साथ अन्य भक्तों की भी भीड़ उमड़ी। पूजा-अर्चना के बाद माता के दर्शन श्रद्धालुओं ने किए और माता से सुख-शांति और स्मृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
बता दें कि जैसे माता भागासिद्ध स्नान करने के बाद दोपहर के समय तीर्थ स्थल मणिकर्ण से मधुर देव ध्वनियों के बीच अपने मंदिर की ओर आ रही थी तो इस दौरान मौहल देखते ही बन गया। हर कोई इस मौहल को देखकर खुश हुआ। हारियानों ने भी तीर्थ स्थन में आस्था की डूबकी लगाकर सुकून प्राप्त किया। बता दें कि माता भागासिद्ध के तलपीणी, कसलादी, कझियारी, शाहिटा, बनाशा, मोरज, टिकर, फलाटी, ढनाली सहित अन्य सभी हारियान क्षेत्र के लोग तीर्थ यात्रा में शामिल थे। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों से भी मातारानी के भक्तों ने तीर्थ यात्रा में भाग लिया और माता से आशीर्वाद प्राप्त किया। वाद्ययंत्रों की स्वर लहरियों से मणिकर्ण घाटी गूंज उठी। माता भागासिद्ध के पुजारी मोहर सिंह ठाकुर ने जानकारी देते हुए कहा कि गुरुवार को माता ने मणिकर्ण तीर्थ स्थल पर शाही स्नान किया। काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।



